अकुशल एवं ग्रामीण युवा ऐसे प्राप्त करें नियमित रोजगार…..

अकुशल एवं ग्रामीण युवाओं को नियमित रोजगार का सुअवसर प्रदान कर रही दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना

दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों से संबंध रखने वाले युवाओं का कौशल विकास करना और उन्हें न्यूनतम मजदूरी या इससे अधिक नियमित मासिक मजदूरी वाले रोजगार दिलाना है। यह राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का गरीबी उपशमन के आजीविका नामक एक घटक है।

इस योजना के अंतर्गत ऐच्छिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत युवाओं की नियमित मासिक आय न्यूनतम वेतन के बराबर या इससे अधिक होगी। इसमें युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा और यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रशिक्षण लेने वाले 70 प्रतिशत लोगों को निश्चित रूप से रोजगार मिले। योजना में प्रशिक्षण निःशुल्क प्रदान करने तथा आवास सुविधा का भी प्रावधान किया गया है।

दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना में गरीब युवाओं को आवश्यक ज्ञान, कौशल और हुनर सिखाकर इस कमी को पूरा करने का प्रयास किया गया है, ताकि वे औपचारिक क्षेत्र में पूर्णकालिक रोजगार प्राप्त कर सकें । योजना के अंतर्गत 18 से 35 वर्ष की आयु के ग्रामीण युवकों के लिए सहायता प्रदान की जाती है। लाभार्थी बनने हेतु बी पी एल परिवार का सदस्य या ऐसे परिवार का युवा जिसकी कोई भी महिला सदस्य राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह की एक सदस्य हो, मनरेगा कामगार परिवार के ऐसे युवा जो विगत वित्तीय वर्ष में कम से कम 15 दिन कार्य कर चुके हों, एसईसीसी-2011 के अनुसार स्वतः समावेशन मानदण्डों के तहत शामिल किए गए परिवार के सदस्य, पीआईपी (निर्धनों का भागीदारीपूर्ण निर्धारण) प्रक्रिया के तहत चुने गए पात्र परिवार के सदस्य, ऐसे परिवार के युवा जिन्हें अंत्योदय अन्न योजना, बी पी एल पीडीएस कार्ड जारी किए गए हैं, राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों के सदस्य इसके पात्र हैं। पात्र व्यक्तियों में एक तिहाई महिलाएं होनी चाहिए।

यह हैं प्रशिक्षण कोर्स

योजना के अंतर्गत प्रदेश के लगभग सभी जिलों में विभिन्न प्रशिक्षण कोर्स व परियोजना क्रियान्वयन संस्थान चिह्नित किए गए हैं। इनमें टेली सेल्ज एग्जीक्यूटिव, मेंटेनेंस सुपरिवाइजर्स इंचार्ज, ब्लड बैंक तकनीशियन, आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन, अनआर्म्ड सिक्योरिटी गार्ड, बैंकिंग सेल्ज रिप्रजेंटेटिव, इलेक्ट्रीशियन (घरेलू), रिटेल ट्रेनी एसोसिएट, इंडियन कुक क्यूजीन, कम्प्यूटर हार्डवेयर एसिस्टेंट, नर्सिंग सहायक, फूड एंड विवरेजिस, कॉल सेंटर में कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव के प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। मंडी जिला में सिक्योरिटी गार्ड व नर्सिंग के प्रशिक्षण उपलब्ध हैं। इनके लिए शैक्षणिक योग्यता पांचवीं कक्षा पास से 12वीं कक्षा पास तक कोर्स अनुरूप निर्धारित की गयी है।

योजना की विस्तृत जानकारी के लिए खंड स्तर पर खंड विकास अधिकारी एवं जिला स्तर पर परियोजना अधिकारी, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण से सम्पर्क किया जा सकता है। हिमाचल प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन, निगम विहार, शिमला से भी दूरभाष संख्या 0177-2970081 पर सम्पर्क कर बहुमूल्य जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

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