अधिकारियों की लापरवाही से हुई है लाइनमैन की मौत- देवेंद्र संधू

बिना किसी जांच के 3 कर्मचारियों की गिरफ्तारी पर तकनीकी कर्मचारी महासंघ ने प्रकट किया रोष

HNN / शिमला

हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष दूनी चंद ठाकुर व महामंत्री नेकराम ठाकुर ने फ़ोन के माध्यम से मन्त्रणा करके सयुंक्त प्रेस नोट जारी किया है जिसमे कुल्लू के ढालपुर , भुट्टी चौक पर बिजली कार्य करते हुए 32 वर्षीय मान सिंह की करंट लगने से हुए मौत पर गहरा दुख प्रकट किया है और परिवार के प्रति संवेदनाएँ प्रकट की है।

संघ ने जिला कुल्लू में कार्यरत अपने तकनीकी कर्मचारियों को इस परिवार की सहायता करने के भी निर्देश दिए हैं। संघ के अध्यक्ष दूनी चंद ठाकुर ने कहा है कि बिना किसी जांच के 3 कर्मचारियों की गिरफ्तारी पर तकनीकी कर्मचारी महासंघ ने रोष प्रकट किया है। क्योंकि बिना पुख्ता जांच के किसी को भी दोषी नहीं ठहरा जा सकता है।

संघ के महामन्त्री नेकराम ठाकुर ने कहा कि इस बात की स्पष्ट जांच की जाए कि किस अधिकारी के कहने पर यह ठेकेदार इन आदमियों को काम पर लाया था। आज प्रदेश में बेरोजगार युवा पीढ़ी का ठेकेदार शोषण कर रहें है। उन्होंने कहा कि विद्युत बोर्ड में कार्य कर रहे ठेकेदारों को दिशा निर्देष दिए जाए कि जिन कर्मचारियो से काम करवा रहे है उनका पूरा ब्यौरा सम्बंधित डिवीज़न व कनिष्ट अभियंता को उपलब्ध करवाया जाए, ताकि युवाओ का शोषण व किसी प्रकार की समस्या न आएं।

संघ के महामंत्री ने बताया कि संघ ने बोर्ड प्रबन्धन वर्ग व प्रदेश सरकार को पत्र लिख कर मांग की थी कि प्रदेश विद्युत बोर्ड में हो रही दुघर्टनाओं की जांच के लिए उच्च स्तर की कमेटी बनाई जाए परंतु अभी तक न ही सरकार व न ही बोर्ड द्वारा अमल में लाया गया। जिससे कि तकनीकी कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ रहा है व संघ ने इसकी कड़े शब्दो में निंदा की है व साथ ही मांग की है कि मरने वाले परिवारों के आश्रितों को तुरंत 5 लाख का मुआवजा उपलब्ध करवाया जाए।

संघ के अतिरिक्त महामन्त्री देवेंद्र संधू ने कहा कि जो टेंडर डिवीजन व सर्कलों में हो रहे हैं उनमें सबसे अधिक भ्र्ष्टाचार व भाई भतीजावाद है क्यूंकि अधिकतर अधिकारी टेंडर अपने चहेतों को दे रहें है । साथ ही अधिकारियों ने यह प्रथा चलाई है कि कार्य पहले हो जाते है व टेंडर आवंटन बाद में होते है जिसका ताजा उदाहरण कुल्लू का है। जब सहायक अभियंता ने कहा कि मेरे संज्ञान में यह नहीं है।

जबकि एक कनिष्ट अभियंता बिना अपने अधिकारों के बताए कैसे कर सकता है व संघ ने यह भी मांग की है कि जब किसी ठेकेदार के द्वारा कार्य करना हो तो उनके कर्मचारी का ब्यौरा उसके स्किल व अनस्किल्ड की पूरी जानकारी होनी चाहिए। इसमें लगे आउटसोर्सिंग व आउट टर्म पर कार्य कर रहे कर्मचारियों का वर्ग निर्धारित किया जाए।