अब आशा वर्कर्स बताएंगी की खाने में कितना डालना है नमक

HNN News/ शिमला

जिला शिमला में अब इलाके की आशा वर्कर बताएंगी कि खाने में इस्तेमाल किया जा रहा नमक आयोडीनयुक्त है या नहीं। स्वास्थ्य विभाग भोजन में आवश्यक आयोडीन की मात्रा को जांचेगा। इसके लिए विभाग ने कमर कस ली है। इसके लिए आशा वर्कर्स के 57 नए पद भरने की योजना है।

आयोडिन नमक जांचने के लिए आशा वर्करों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। आयोडीन की सही मात्रा परखने के लिए आशा वर्कर्स को टेस्ट किट दी जाएगी।

इसकी सहायता से वे नमक की गुणवत्ता की जांच करेंगी। इसके बाद आशा वर्कर घर-घर जाकर आयोडीन की मात्रा को जांचेंगी और लोगों को नमक के इस्तेमाल के बारे में उपयुक्त सलाह देंगी। जिलेभर में करीब 446 आशा वर्कर्स हैं, जिन्हें इस काम के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

आयोडीन के साथ-साथ आशा वर्कर्स लोगों को संतुलित व पौष्टिक आहार के बारे में भी जागरूक करेंगी। गांव व शहरों में लोगों को मौसमी फल-सब्जियां भोजन में शामिल करने की जानकारी देंगी ताकि इससे उनको प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, विटामिन व मिनरल मिल सके।