अब इस मशीन के जरिए होगी गले-सड़े शवों की पहचान

HNN News/ शिमला

हिमाचल में मिलने वाले गले-सड़े शवों की पहचान नैक्सट जनरेशन सिक्वेंसी (एनजीएस) मशीन से हो सकेगी। एनजीएस यह भी बता देगी कि शव किस देश के रहने वाले व्यक्ति की है। इसके रंग और रूप की जानकारी भी यह मशीन देगी।

इस मशीन को स्थापित करने के लिए भारत सरकार की ओर से मंजूरी मिल गई है। यह मशीन जुन्गा में स्थापित होगी। मशीन की खरीदारी के लिए बजट भी मुहैया करवा दिया गया है। मशीन खरीदने के लिए फोरेंसिक विभाग ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।

उम्मीद जताई जा रही है कि दो से तीन महीने के भीतर मशीन स्थापित कर दी जाएगी। स्टेट फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला इस मशीन को खरीदने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर चुका है। इसके लिए एक बार पहले भी टेंडर प्रक्रिया बुलाई गई थी, लेकिन उस दौरान प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।