अभाविप ने छात्र मांगो को लेकर शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन

HNN/ शिमला

आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने विभिन्न छात्र मांगो को लेकर शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा । इकाई अध्यक्ष विशाल सकलानी ने कहा कि आज कोविड महामारी के कारण शैक्षणिक क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। आज ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाई जारी है लेकिन डिजिटल असमानताओं के कारण बहुत से छात्र शिक्षा से वंचित हुए हैं। आज जहां दूर दराज के क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या है तो साथ ही साथ डिजिटल डिवाइसेज भी सभी वर्गों की पहुंच में नहीं हैं। कोविड महामारी के कारण ऑनलाइन शिक्षा ही एकमात्र साधन रहा है।

ऐसे में सभी क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया जाए और अध्यापकों को भी स्पेशल ऑनलाइन कक्षाओं हेतु प्रशिक्षण दिया जाए ताकि ऑनलाइन कक्षाएं और प्रभावशाली हो सकें। साथ ही साथ विश्वविद्यालय में अध्यापक , शोधार्थियों व छात्र छात्राओं को प्राथमिकता देकर टीकाकरण किया जाए ताकि शैक्षणिक गतिविधियां शुरू की जा सकें। वहीं अभी यूजी व पीजी के परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुए हैं।

उन्हें भी शीघ्र घोषित किया जाए तथा बीएड पहले और तीसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं अभी तक नहीं हुई न ही दूसरे सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम घोषित हुआ है ऐसे में छात्रों का एक साल बर्बाद होने की कगार पर है , इसलिए जल्द से जल्द बीएड की परीक्षा के ऊपर निर्णय लिया जाए। इकाई सचिव आकाश नेगी ने कहा कि यूआईआईटी के दो दो सेमेस्टर की परीक्षा एक साथ करवाने की बजाय पहले, तीसरे, पांचवे व सातवें सेमेस्टर की परीक्षा ऑनलाइन की जाए या असाइनमेंट और viva लेकर मूल्याकन हो।

विद्यार्थी परिषद ने इन मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन

  1. डिजिटल विभाजन को समाप्त करने के लिए दूर दराज के क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जानी चाहिए और ऑनलाइन शिक्षा तंत्र को मजबूत किया जाना चाहिए, साथ ही शिक्षकों को ऑनलाइन शिक्षण विधियों को प्रभावी बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाना चाहिए।

• शैक्षणिक कार्य फिर से शुरू करने के लिए विश्वविद्यालय के छात्रों, शोधार्थियों के साथ-साथ फैकल्टी सदस्यों का टीकाकरण जल्द से जल्द किया जाना चाहिए।

• UIIT छात्रों के पहले , तीसरे, पांचवे, सातवें सेमेस्टर की परीक्षा या तो ऑनलाइन आयोजित की जानी चाहिए या मूल्यांकन ओपन बुक परीक्षा या असाइनमेंट या वाइवा के आधार पर किया जाना चाहिए।

• सभी लंबित परिणाम तुरंत घोषित किए जाने चाहिए और बी.एड के दूसरे सेमेस्टर का परिणाम भी जल्दी घोषित किया जाना चाहिए। बीएड पहले और तीसरे सेमेस्टर को जल्द से जल्द हर संभव तरीके से परीक्षा आयोजित किया जाना चाहिए।

•सरकार को कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती शुरू करनी चाहिए, क्योंकि नियमित शिक्षकों की अनुपलब्धता के कारण ऑनलाइन कक्षाएं प्रभावित होती हैं।

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