अवैध कटान ,इन्दौरा में खेर व शीशम के पेड़ कटे

HNN News/ जमात अली कांगड़ा

सरकार पौधारोपण को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियानों व अन्य साधनों पर करोड़ों रुपए खर्च कर वन संपदा की सुरक्षा पर बल दे रही है तो दूसरी ओर वन मंडल इंदौरा के अंतर्गत वन माफिया के हौंसले इतने बुलंद हैं कि वे बेखौफ होकर वन संपदा पर हाथ साफ कर रहे हैं। इनके सामने वन विभाग की रक्षा प्रणाली भी बौनी साबित होती नजर आ रही है।

काटुओं ने वन विभाग की भूमि पर जहां 10 खैर के पेड़ों पर आरा चलाया है तो वहीं विभाग की भूमि से दर्जनों शीशम के पेड़ भी काट लिए हैं। वन विभाग की भूमि से खैर के पेड़ काटने पर विभाग ने जहां पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी है वहीं शीशम के पेड़ों के काटे जाने के मामले की सूचना विभागीय उच्चाधिकारियों को भी नहीं है। ऐसे में विभागीय लापरवाही साफ नजर आती है।

वन भूमि से खैर काटने का मामला गांव घंडरां में सामने आया है, जहां रास्ते के किनारे से 10 पेड़ काटे गए हैं। वहीं शीशम के पेड़ काटने का मामला मंड मलकाना में सामने आया है। मंड क्षेत्र में पड़ते सुरड़बा पत्तन से पार गांव मलकाना में वन विभाग की भूमि पर सैंकड़ों शीशम के पेड़ लगाए गए हैं।

इसी सप्ताह वहां करीब डेढ़ दर्जन शीशम के बड़े पेड़ काटे हैं। हैरानी की बात यह है कि वन रक्षक ने इसकी सूचना अपने आला अधिकारियों को भी नहीं दी है। जो कि सरासर वन रक्षक की ड्यूटी में कोताही को दर्शाता है।

यह पहली मर्तबा नहीं है कि इंदौरा क्षेत्र में वन माफिया ने सरकार और विभाग को ठेंगा न दिखाया हो। पिछले वर्ष भी पनियाला एरिया में ही कुछ नामी खैर के ठेकेदारों ने सरकारी परमिशन की आड़ में सैकड़ों खैर के पेड़ों को काटकर मोटा मुनाफा कमाया था और दर्जनों पेड़ बिना किसी अनुमति के काट लिए थे।

जिस पर आनन फानन में विभाग ने अपनी लाज बचाने के लिए अपने ही मुलाजिम सस्पेंड भी कर दिए थे और वन मंत्री ने कहा था कि पनियाला में कटे खैर की जांच एसआईटी से करवाई जाएगी। लेकिन इससे वन माफिया को कोई फर्क नहीं पड़ा और वह अपने काम को बेखौफ अंजाम दे रहा है।

जब इस संबंध में उक्त वन बीट घंडरां के वन रक्षक जतिंद्र से बात की गई तो उन्होंने कहा कि घंडरा में खैर के पेड़ काटे जाने की सूचना मिली थी। मैं मोके पर गया था और 10 पेड़ काटे गए हैं, जिस संबंध में शिकायत पत्र थाना इन्दौरा में दे दिया गया है।

इस बारे में वन रेंज अधिकारी भदरोया शिव पाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि देर रात 10 खैर के पेड़ काटे जाने के बारे में मुझे वन रक्षक के माध्यम से सूचना मिली है। थाना इन्दौरा में अज्ञात वन काटुओं के खिलाफ शिकायत पत्र दिया गया है जबकी मंड क्षेत्र में शीशम के पेड़ काटे जाने की किसी भी प्रकार की सूचना उन्हें वन रक्षक ने नहीं दी है।

थाना प्रभारी इंदौरा सुरिंद्र सिंह धीमान से बात की गई तो उन्होंने कहा के वन विभाग के द्वारा खैर के पेड़ काटे जाने के संबंध में एक शिकायत पत्र आया है और मामले की जांच की जा रही है।