अवैध ढारा बनाकर बंद की गई सड़क को दोबारा चालू करने की ग्रामीणों ने करी मांग

मरीज को पीठ पर उठाने को मजबूर हुए आधा दर्जन गांव के लोग

HNN / संगड़ाह

लोक निर्माण विभाग मंडल संगड़ाह के अंतर्गत 3 करोड़ 28 लाख से बन रहे जंदरायण-सनग मार्ग को एक प्रभावशाली शख्स द्वारा अवैध ढारा बनाकर बंद किए जाने की शिकायत शनिवार को इलाके के आधा दर्जन गांव के लोगों ने उपायुक्त सिरमौर को सौंपी। दो माह से सड़क बंद होने से ग्रामीण मरीजों को पीठ पर उठाकर अस्पताल ले जाने पर मजबूर हो चुके हैं, क्योंकि उक्त शख्स ने एंबुलेंस अथवा छोटी गाड़ी के लायक रोड़ भी नही छोड़ा।

लिहाजा ग्रामीणों ने उपायुक्त सिरमौर के पास पहुंचकर इस समस्या के जल्द समाधान की मांग की है। वर्ष 2014 मे नाबार्ड से बनने वाली इस सड़क का निर्माण शुरू हुआ था, हालांकि विभाग व ठेकेदार की लापरवाही से अब तक यह सड़क पक्की नही हो सकी। दो माह पहले बीचोंबीच इस कच्चे ढारे के निर्माण कार्य के शुरू होने के बाद से अब तक ग्रामीण कईं शिकायतें लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संगड़ाह को कर चुके हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले मे गत 5 अक्टूबर को मुख्यमंत्री को भी लिखा जा चुका है। बावजूद इसके अब तक सड़क से अवैध कब्जे को हटाए न जाने से ग्रामीणों में गहरा रोष है। नाहन में डीसी से मिल चुके ग्रामीणों का कहना है कि 7 किलोमीटर लंबी इस सड़क से कब्जा न हटने से किसानों को अपनी फसलों को बेचने व बाजार से सामान लाने में भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

स्कूली बच्चों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उधर लोक निर्माण विभाग संगड़ाह के अधिशासी अभियंता रतन शर्मा ने बताया कि दरअसल गत माह विभाग द्वारा उक्त सड़क से कब्जा हटाने के लिए एसडीओ संगड़ाह की मौजूदगी में स्थानीय एसएचओ के साथ टीम भेजी गई थी, मगर जमीन संबंधी तकनीकी अड़चनों के चलते कब्जा नहीं हटाया जा सका। उन्होंने कहा कि इस मामले में विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है तथा ही एसडीएम संगड़ाह को मामला भेजा गया है।

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