आखिर दम तोड़ गई उन्नाव रेप पीड़िता, दम तोड़ते हुए बोली नहीं छोड़ना आरोपियों को

देश का सिस्टम एक और बेटी को बचाने में रहा नाकामयाब, पीड़ित परिवार से मिलने कोई नहीं पहुंचा सफदरजंग अस्पताल

HNN News दिल्ली

इलाज के दौरान बार-बार आरोपियों को नहीं छोड़ना कहने वाली उन्नाव रेप पीड़िता आखिर बिना इंसाफ के रात को 11:40 पर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ गई।

यूपी के उन्नाव में दिसंबर 2018 को पीड़िता के साथ दरिंदों ने की थी दरिंदगी। आरोपियों को पुलिस ने पकड़ कर जेल भी भेज दिया था मगर सभी आरोपी जमानत पर जैसे ही छूट कर आए उन्होंने पीड़िता को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश करी।

पीड़िता आग से धधकती हुई करीब 1 किलोमीटर तक जान बचाने के लिए दौड़ी भी। करीब 95 फ़ीसदी जल जाने के बाद दर्दनाक अवस्था में भी वह यह मांग करती रही कि उसके दोषियों को किसी भी सूरत में छोड़ना मत।

बीते गुरुवार को पीड़िता को एअरलिफ्ट कर लखनऊ से दिल्ली सफदरजंग अस्पताल लाया गया था। करीब 36 घंटे तक जिंदगी के लिए जंग लड़ने वाली इस बहादुर बेटी ने मरने से पहले भी कहा मेरे आरोपियों को किसी भी सूरत में छोड़ना मत।

उसके गांव के 5 दरिंदों ने उसे जिंदा जलाने की जो कोशिश की उसके चश्मदीद गवाह भी हैं। तड़पते तड़पते पीड़िता ने पुलिस को भी फोन किया। बार-बार इंसाफ की मांग करते हुए उन्नाव की बहादुर बेटी आखिरकार इस झूठे संसार को अलविदा कह गई।

बरहाल ना केवल उन्नाव ना केवल तेलंगाना बल्कि देश के हर कोने में रोज दरिंदगी होती है बावजूद उसके इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वाले रे पिस्टों को हैदराबाद एनकाउंटर की तर्ज पर सजा दी गई है देश ऐसे दरिंदों को खुले में दर्दनाक मौत की मांग करने लग पड़ा है।

उधर दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल का चौथे दिन भी आमरण अनशन जारी है। स्वाति ने कहा कि नेताओं की सुरक्षा छीन लेनी चाहिए तभी उन्हें इनका दर्द मालूम होगा। उन्होंने हैरानी जताई कि उत्तर प्रदेश सरकार का कोई भी नुमाइंदा उन्नाव की बेटी से मिलने नहीं पहुंचा है। करीब 10:00 बजे के बाद उन्नाव की बेटी का पोस्टमार्टम होगा इस दौरान दिल्ली पुलिस के पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

Test