आज धन प्राप्ति और खुशहाली के लिए खाएं बहन के हाथ का खाना

बहन यमुना ने यमदेव को अपने घर आदर सत्कार के साथ कराया था भोजन, यमुना जी में स्नान का भी है विशेष महत्त्व

HNN News आचार्य केशवानंद रतूड़ी

रक्षाबंधन की तरह ही भाई दूज का पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन बहन के घर भाई जाते हैं। बहन अपने भाई का पूरे आदर सत्कार के साथ सम्मान करती है और उसे भोजन कराती है।

इसके पीछे ऐतिहासिक मान्यता भी जुड़ी हुई है। पंडित केशवानंद रतूड़ी ने पौराणिक मान्यता के अनुसार बताया कि कार्तिक शुक्ल द्वितीया को पूर्व काल में यमुना ने यमदेव को अपने घर आदर सत्कार पूरक भोजन करवाया था ।

इससे उस दिन नरक में यातनाएं झेल रहे जीवो को छुटकारा मिला था तथा उन्हें तृप्ति भी मिली थी। वह सभी जीव पाप मुक्त होकर सभी सांसारिक बंधनों से मुक्त हुए थे। लिहाजा वे सभी इस अवसर को महान उत्सव के रूप में मनाया था। बस वही परंपरा अभी तक जारी है।

पाप मुक्ति व तृप्ति के बाद से तीनो लोक में यम द्वितीया के नाम से यह विख्यात हुई। अतः बहन के हाथ का भोजन खाने से इस दिन भाइयों को सुख समृद्धि के साथ-साथ धन की भी प्राप्ति होती है।

आचार्य ने बताया कि कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया को पूर्वाहन में यम की पूजा करके यमुना में स्नान करने वाला मनुष्य पाप लोग की यातनाएं नहीं भोगता।

क्या है तिलक का मुहूर्त

इस बार भाई दूज का पर्व 29 अक्टूबर को मनाया जा रहा है आचार्य ने बताया कि तिलक का मुहूर्त 1:11 से 3:23 तक तथा रात्रि में 9:07 से 9:20 तक रहेगा।