आवश्यक खाद्य वस्तुओं और मिट्टी के तेल की आपूर्ति की जाए सुनिश्चित- डॉ रामलाल मारकंडा

HNN/ लाहौल

तकनीकी शिक्षा, जनजातीय विकास एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ रामलाल मारकंडा ने कहा कि अक्टूबर के पहले सप्ताह तक सभी आवश्यक खाद्य वस्तुओं के अलावा मिट्टी के तेल की आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए। स्थानीय परिधि गृह में आज हुई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि 20 सितंबर तक उचित मूल्य की दुकानों के सभी विक्रेताओं को सूचित कर दिया जाए कि वे अपने लिए आवंटित स्टॉक को तुरंत हासिल कर लें ताकि समय पर इसकी आपूर्ति उपभोक्ताओं को सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति इस दिशा में निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।

उन्होंने ईंधन की लकड़ी के स्टॉक को लेकर भी जानकारी हासिल की। वन मंडल अधिकारी केलांग दिनेश शर्मा ने अवगत करते हुए कहा कि इस बार 22,500 क्विंटल इंधन की लकड़ी की आपूर्ति के लिए मांग की गई है जो पिछ्ले वर्ष 18000 क्विंटल थी। इस समय तक कुल मांग की 60 फ़ीसदी इंधन की लकड़ी को स्टॉक कर लिया गया है। जबकि शेष स्टॉक भी जल्द पहुंचने वाला है। डॉ रामलाल मारकंडा ने जल शक्ति विभाग को भी निर्देश देते हुए कहा कि चूंकि इस वर्ष का वर्किंग सीजन कम बचा है, ऐसे में अब विशेष तौर से पेयजल की स्कीमों को दुरुस्त और कार्यशील बनाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएं।

जो स्कीमें अभी भी बहाल होनी हैं उन्हें भी युद्ध स्तर पर कार्य शुरू करके पूरा किया जाए। उन्होंने केलांग मल निकासी योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत बनने वाले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के कार्य को भी जल्द शुरू किया जाए ताकि आने वाले समय में ये योजना पूर्ण रूप से संचालित हो। डॉ रामलाल मारकंडा ने क्षेत्र में चल रहे पुलों के निर्माण कार्य को लेकर भी लोक निर्माण विभाग को कहा कि पुलों के निर्माण कार्यो को जल्द पूरा करने के अलावा केलांग कस्बे की मुख्य सड़क के टारिंग कार्य को भी अविलंब शुरू किया जाए।

इस कार्य को शुरू करने से पहले लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग और बिजली बोर्ड संयुक्त रूप से कार्य योजना को लेकर कदम उठाएंगे ताकि टारिंग का कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके और जल शक्ति विभाग द्वारा बिछाई गई सीवरेज की लाइन को भी बाद में अवरोध पैदा ना हो। केलांग में प्रस्तावित पार्किंग के निर्माण को लेकर उन्होंने कहा कि जिस जगह पर यह कार्य प्रस्तावित है वहां पुराने मौजूदा स्ट्रक्चर को हटाने (डिस्मेंटल) की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाए। वन मंडल अधिकारी दिनेश शर्मा ने बताया कि जब भी संबंधित विभाग एफसीए के मामलों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करता है तो उसके बाद ही इसकी मंजूरी की प्रक्रिया शुरू होती है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग इस तरह के मामले को ऑनलाइन पोर्टल पर अवश्य अपलोड करें तभी आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

लेटेस्ट न्यूज़ एवम अपडेट्स अपने व्हाटसऐप पर पाने के लिए हमारी व्हाटसऐप बुलेटिन सर्विस को सब्सक्राइब करें। सब्सक्राइब करने के लिए क्लिक करें।

वीडियो