इंटरनेशनल अनिश्चित काल तक बंद नहीं कर सकते ; शीर्ष कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में इंटरनेट को एक संवैधानिक अधिकार मानते हुए कहा है कि इसे अनिश्चितकाल तक बंद नहीं कर सकते। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर में 158 दिनों से संचार सेवाओं सहित अन्य पाबंदियों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह फैसला दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, इंटरनेट के इस्तेमाल को अनुच्छेद 19 (1) (ए) और अनुच्छेद 19 (1) (जी) के तहत संविधान संरक्षण मिला है। यह बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता व्यापार व पेशे को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण उपकरण है। इसे अनिश्चितकाल तक बंद नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही कोर्ट ने जम्मू कश्मीर प्रशासन को निर्देश दिया कि जहां जरुरत हो, वहां इंटरनेट बहाल करे।

सभी पाबंदियों की एक हफ्ते में समीक्षा करे और इससे जुड़े आदेश भी सार्वजनिक करे। कोर्ट ने पाबंदी की समय समय पर समीक्षा को भी कहा।

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