कालाअंब क्षेत्र में डेंगू का प्रकोप जारी, स्वास्थ्य विभाग बरत रहा लापहवाही

HNN News/ कालाअंब

औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब डेंगू की चपेट में आ गया है। करीब आधा दर्जन मरीज कालाअंब स्थित ईएसआई समेत हरियाणा के निजी अस्पतालों में अपना उपचार करवा रहे हैं। इससे लोगों में हड़कंप मच गया है। पिछले कुछ दिनों से डेंगू का प्रकोप जारी है। हैरानी की बात है कि स्वास्थ्य विभाग को इसकी भनक तक नहीं है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर भी सवाल उठ रहे हैं।

प्राप्त जानकारी अनुसार औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब के कई इलाकों में डेंगू का कहर मचा है। अभी तक आधा दर्जन लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। डेंगू के मरीज कालाअंब के निजी अस्पताल, ईएसआई और हरियाणा के निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। कालाअंब में डेंगू के पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं।

इस बार दिवाली के बाद ही डेंगू के ज्यादातर मामले सामने आए हैं। डेंगू के मरीजों में मोगीनंद से दो मामले, कालाअंब और खैरी से एक-एक मामला सामने आया है। चार मरीज कालाअंब के निजी अस्पताल में भर्ती हैं। जबकि, एक अन्य निजी अस्पताल से एक मरीज पिछले सप्ताह ही हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया। जबकि, एक केस ईएसआई से भी रेफर हुआ है।

पिछले माह ही मोगीनंद से दो मरीज बाहरी राज्य के अस्पताल से अपना उपचार करवा कर लौटे हैं। हर दिन बढ़ते डेंगू के मामलों से लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

बीएमओ डॉ. मोनीषा अग्रवाल ने बताया कि कालाअंब से डेंगू के बारे में ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है। लोगों को एहतियातन पूरे कपड़े पहनने की आदत डालनी चाहिए। उन्होंने बताया कि डेंगू के मरीज डिस्प्रिन का कदापि इस्तेमाल न करें।

हो सके तो पैरासिटामोल और पानी का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करें। सरकारी अस्पतालों के अलावा मरीज किसी अन्य अस्पताल में उपचार न कराएं। सरकारी अस्पतालों में एलाइजा टेस्ट की सुविधा उपलब्ध रहती है। इस टेस्ट के बाद ही डेंगू की पुष्टि हो पाती है।

कालाअंब इलाके के स्थानीय लोगों और प्रवासी लोगों में जागरूकता का भारी अभाव है। डेंगू से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता शिविर नहीं लगाए जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को डेंगू से बचाव की सही जानकारी नहीं मिल पा रही है।

औद्योगिक क्षेत्र के चलते क्षेत्र में सफाई का भी भारी अभाव है। लोगों के घरों में रखे ड्रमों और बाल्टियों में पड़ा खुला पानी भी डेंगू की वजह हो सकती है। इसकी नियमित सफाई नहीं की जा रही है। ऐसे में लोग डेंगू की चपेट में आ रहे हैं।