कोरोना काल में सरकार और प्रशासन के नियमो का करें पालन- सीमा सांख्यान

नगर परिषद नाहन
सार्वजनिक सूचना

सर्वसाधारण को एतत् द्वारा सूचित किया जाता है कि नगर परिषद नाहन में सीएलसी के माध्यम से 50 सफाई कर्मचारियों की सफाई कार्य के लिए आवश्यकता है। जो भी व्यक्ति जिसकी आयु 18 वर्ष से अधिक हो और नगर परिषद क्षेत्र नाहन में सफाई का कार्य करने का इच्छुक हो वह सीएलसी नाहन में निर्धारित फीस 150, आधार कार्ड फोटो, बैंक खाता और निवास का प्रमाण पत्र देकर अपना नाम दर्ज़ करवा सकता है। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित दैनिक दरों के आधार पर वेतन दिया जाएगा।

सचिव सीएलसी (शहरी आजीविका केंद्र) नगर परिषद नाहन जिला सिरमौर (हिमाचल प्रदेश)
कार्यकारी अधिकारी एवं अध्यक्ष सीएलसी (शहरी आजीविका केंद्र) नगर परिषद नाहन जिला सिरमौर (हिमाचल प्रदेश)

जमात अली फ़तेहपुर

शनिवार को बिटिया फाउंडेशन की जिला कांगड़ा की अध्यक्षा कमेलश शर्मा ने महिलाओं के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया । इस कार्यक्रम में मुख्यअतिथि  के रूप में बिटिया फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्षा सीमा संख्यान ने शिरकत की और जिला कांगड़ा की अध्यक्षा कमेलश  शर्मा ने बिटिया फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्षा सीमा संख्यान को फूलों का गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया। बिटिया फाउंडेशन की जिला कांगड़ा की अध्यक्षा कमेलश शर्मा ने 15 -20  महिलाओं को फेस मास्क और हैंड सेनेटाइजर बांटे।

उसके साथ-साथ उन्होंने महिलाओं को घरेलु हिंसा के बारे में भी बताया। बिटिया फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्षा सीमा संख्यान ने जिला कांगड़ा की अध्यक्षा कमेलश शर्मा और वहां की महिलाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज के इस कोरोना काल के दौर में हमको बहुत सावधानियां बरतनी होंगी। उन्होंने कहा कि जैसे भी सरकार और प्रशासन के दिशा निर्देश होंगे हमको उनकी पालना अच्छे से करनी चाहिए।  हमको बिना काम से घर से बाहर नहीं जाना चाहिए, अगर कोई काम है तो सरकार और प्रशासन के दिशा निर्देश अनुसार मास्क लगा कर बाहर निकलना चाहिए।  

उन्होंने कहा कि अगर हमने  इस  भयानक बीमारी को नजरअंदाज किया तो इसका खतरा खुद को तो है ही लेकिन,  उससे बड़ा खतरा दूसरों को होगा जो आपके सम्पर्क में आएगा।  इसलिए जरुरी काम से ही बाहर निकले और औरों को भी इसके बारे में बताएं। सीमा संख्यान ने कहा कि आज के इस कोरोना काल के दौरान हमारी बेटियों और महिलाओ के ऊपर घरेलू हिंसा के मामले कुछ ज्यादा ही आ रहे है। हमारे समाज को हो क्या गया है ?  मुझे समझ नहीं आ रहा है।

अगर ऐसे घटनाओं और वारदातों को नहीं रोका गया तो आने वाले समय में हमारी बेटियां और महिलाये सुरक्षित बाहर नहीं निकल पाएंगे। उन्होंने कहा कि बिटिया फाउंडेशन (भारत) की पूरी टीम बेटियों और महिलाओ के लिए दिन रात कड़ी मेहनत कर रही है  और इसमें भी  महिलाएं और बेटियां सबसे आगे आ कर कंधे से कन्धा मिला कर चल रही है। 

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