“क्लीयरिंग द कॉस्मिक मैसेज” में समा गया ब्रह्मांड

मेरे बेटे की वजह से मैं इतना प्रसिद्ध हो जाऊंगा यह मैंने सोचा भी नहीं था यह उस पिता का कहना है जिसके बेटे ने ब्रह्मांड पर काम कर रहे वैज्ञानिकों को एक नई दिशा दे दी है।

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला में रहने वाले रामेश्वर शर्मा व माता सरिता शर्मा के 12 साल की उम्र के ओजस शर्मा ने लाइट जोन और डार्क जोन के आधार पर ब्रह्मांड की कार्यशैली को वर्णित कर दियाा है।


ओजस शर्मा ने ब्रह्मांड यानी गैलेक्सी पर किताब लिख कर बेहद कम उम्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा लिया है । इस किताब में ओजस द्वारा ब्रह्मांड पर दिए गए सिद्धांतों को पढ़कर वैज्ञानिक भी हैरान हैं। तथा वे एस्ट्रोनॉट्स ओजस को विलक्षण प्रतिभा का धनी मान रहे है।

भविष्य के इस नन्हें वैज्ञानिक ओजस शर्मा ने खगोल शास्त्र से जुड़े अपने ज्ञान को ‘क्लीयरिंग द कॉस्मिक मैसेस किताब में समेटा है। इस पुस्तक में छात्रों को खगोल संबंधी मूल तर्क मिलेंगे जिस पर वह रिसर्च कर सकते हैं। ओजस अपने भविष्य के प्रति अभी से संवेदनशील है और वह भविष्य में एस्ट्रोनॉटिक इंजीनियरिंग करना चाहता है।

हैरानी तो इस बात की है कि ओजस ने इस पूरी किताब को लिखने में एक भी कागज का प्रयोग नहीं किया है। उसके पास न तो प्रिंटर है और ना ही उसने इसे पेन से डायरी में उतारा। बल्कि ओजस ने पूरी स्क्रिप्ट को कंप्यूटर पर टाइप करके इसे ई-मेल से ही पब्लिशर्स को भेजा है। खुशी की बात तो यह है कि ओजस को अपनी मेहनत का फल बतौर एक किताब मिल चुका है । क्योंकि अब यह किताब छप चुकी है। इस किताब को व्हाइट फॉल्कॉन पब्लिशर ने प्रकाशित किया है।

सोशल मीडिया के दौर में आज जब युवाओं में मोबाइल का जबरदस्त क्रेज़ है तो ओजस ने इससे दूर ऐसा करिश्मा कर दिखाया जो कि युवा पीढ़ी के लिए न केवल प्रेरणा प्रद है बल्कि एक नयी राह व खगोल खोजियों को नई दिशा दिखाने वाला है।

ओजस ने बताया कि जब वह पहली कक्षा में था तभी से उसने स्कूल के बुक स्टॉल में ‘टैल मी हॉऊ और ‘द कॉस्मिक डिटेक्टिव पढ़ी। इससे उसकी पृथ्वी के बाहर क्या है यह जिज्ञासा और बढ़ी। इन किताबों ने उसके मन पर गहरा प्रभाव डाला और वह विज्ञान विषय की बड़े लेखकों की किताबें पढऩे लगा।

ओजस शर्मा ने हम उम्र बच्चों को संदेश देते हुए कहा कि वह फोन कम चलाएं और किताबें अधिक से अधिक पढ़ें। किताबों में ऐसी भी जानकारी मिल जाती है जो नेट पर नहीं होती। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि बच्चों को सपोर्ट करें और जो वह शौक से करना चाहता है।

उधर विलक्षण प्रतिभा के धनी ओजस को लायंस क्लब के द्वारा सम्मानित भी किया गया। ओजस की मां अपने बेटे की इस उपलब्धि पर फूली नहीं समा रही है। तो वहीं सोलन न्यायालय में काम करने वाले ओजस के पिता का अपने स्टाफ में मान व सम्मान भी बढ़ गया है।

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