गंभीर बीमारियों से लाचार व्यक्ति को सरकार हर महीने देगी 2 हजार की सहायता राशि -उपायुक्त

शहर के एंट्री प्वाइंटों पर कचरा दिखा तो नगर परिषद होगी जिम्मेदार

HNN News/ चंबा

राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई सहारा योजना को जिले के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने में आशा वर्कर और संबंधित पंचायत प्रधान की जिम्मेदारी सबसे अहम रहेगी। आज उपायुक्त कार्यालय सभागार में आयोजित मंडे मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त विवेक भाटिया ने यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारियों से लाचार व्यक्तियों को मदद देने की दिशा में यह अत्यंत ही महत्वपूर्ण योजना है।

घातक कैंसर रोग, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हिमोफीलिया, थैलेसीमिया , गुर्दे के सही काम ना करने, पार्किंसन जैसे स्थाई रूप से रोगी को अक्षम करने वाले रोग से ग्रसित और एकल परिवार के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को 2000 रुपए की मासिक वित्तीय सहायता सरकार द्वारा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की हिम केयर योजना में भी 1 जनवरी से पुनः पंजीकरण शुरू हो चुका है। जो 31 मार्च तक चलेगा। लोग लोकमित्र केंद्रों के माध्यम से इस योजना में भी अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।

बैठक के दौरान जिले में कौशल विकास को व्यवहारिकता देने के मुद्दे पर भी चर्चा की गई।उपायुक्त ने कहा कि कौशल विकास को सही दिशा देने के लिए एक जिला स्तरीय स्किल ट्रेनिंग कमेटी गठित की जाएगी। अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता वाली इस कमेटी में परियोजना अधिकारी डीआरडीए ,प्रिंसिपल आईटीआई चंबा, जिला रोजगार अधिकारी महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र और निदेशक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान सदस्य रहेंगे। यह कमेटी कौशल विकास का रोडमैप तैयार करेगी ।

उन्होंने कहा कि चंबा में कई तरह के पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पाद मौजूद हैं जो कला और शिल्प की दृष्टि से बेजोड़ हैं ।जरूरत इस बात की है कि यह सभी उत्पाद मार्केट डिमांड के अनुरूप विपणन योग्य स्टैंडर्ड के मानकों पर भी आधारित हों। कचरा प्रबंधन को लेकर उपायुक्त ने साफ किया कि नगर परिषद को इस दिशा में गंभीर प्रयास करने की जरूरत है ।

उपायुक्त ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि आगामी 22 जनवरी तक एक मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र भवन बनकर तैयार करवाया जाए। फर्श पर अच्छी किस्म की रबड़ मैटिंग के अलावा दीवारों पर भी आकर्षक रंगों वाले चित्र रहने चाहिए जो बच्चों के मनभावन हों। इस मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र को आधार बनाकर जिले में अन्य आंगनवाड़ी केंद्रों को बनाया जाएगा ताकि आंगनवाड़ी केंद्रों के स्वरूप में एक समानता दिखे ।

उपायुक्त ने खाद्य आपूर्ति निगम और खाद्य नागरिक आपूर्ति एवंं उपभोक्ता मामले विभाग को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि जिले के दूरदराज इलाकों में सर्दी के सीजन के दौरान सभी आवश्यक खाद्य वस्तुएं उपलब्ध रहें । विवेक भाटिया ने कहा कि बिजली बोर्ड को भी जिले मेंं अपनी ट्रांसमिशन लाइनों के सुदृढ़ीकरण को लेकर व्यापक कार्ययोजना बनाए जाने की जरूरत है।

जिले की भौगोलिक परिस्थितियोंं के मद्देनजर बर्फबारी और भारी बारिश की सूरत में बिजली व्यवस्था तभी सुचारू रह पाएगी जब पुख्ता योजना को व्यवहारिक तौर पर धरातल पर लाया जाएगा । बैठक में चौगान नंबर -4 की डेवलपमेंट के मुद्दे पर उपायुक्त को अवगत किया गया कि इसके प्राक्कलन को एनएचपीसी द्वारा पुनर्निर्धारित किया जा रहा है। जल्द ही कार्य आरंभ होगा।

बैठक के दौरान एस्पिरेशनल जिला योजना के अलावा राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर साइन बोर्डों की स्थापना, पुलिस अधीक्षक आवास के समीप पार्किंग निर्माण, ज़ीरो प्वाइंट के समीप बनी पार्किंग की ऑक्शन, रेवेन्यू सदन निर्माण, एडवेंचर पार्क और ओपन जिम की स्थापना , टूरिस्ट स्पॉटों के सौंदर्यकरण समेत अन्य मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल, सहायक आयुक्त रामप्रसाद शर्मा

एसडीएम शुभम प्रताप सिंह, जिला पर्यटन विकास अधिकारी विजय कुमार, आईएएस प्रोबेशनर सौरभ जस्सल, एचएएस प्रोबेशनर रजनीश, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण जीत सिंह ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश गुलेरी, जिला योजना अधिकारी गौतम शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन निगम सुभाष कुमार, कृषि उपनिदेशक भोला सिंह, अधिशासी अभियंता बिजली बोर्ड पवन शर्मा, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र चंद्रभूषण, अधिशासी अभियंता आईपीएच हेमंत शर्मा के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

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