चिपको आंदोलन के प्रणेता रहे सुंदरलाल बहुगुणा का निधन, ऋषिकेश एम्स में कोविड-19 से हारे जंग

कोरोना वायरस की दूसरी लहर लगातार अपना कहर दिखा रही है। बता दे कि आज चिपको आंदोलन के प्रणेता और मशहूर पर्यावरणविद सुंदर लाल बहुगुणा का निधन हो गया। वह 8 मई को कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे और उनका इलाज ऋषिकेश एम्स में किया जा रहा था। सुंदरलाल बहुगुणा की उम्र 94 साल थी।

बता दे कि ऋषिकेश एम्स में आज दोपहर करीब 12 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि डायबिटीज के साथ वह कोविड निमोनिया से पीड़ित थे। महात्मा गांधी के सिद्धांतों पर चलने वाले सुंदरलाल बहुगुणा ने 70 के दशक में पर्यावरण सुरक्षा को लेकर अभियान चलाया, जिसने पूरे देश में अपना एक व्यापक असर छोड़ा।

इसी दौरान शुरू हुआ चिपको आंदोलन भी इसी प्रेरणा से शुरू किया गया अभियान था। तब गढ़वाल हिमालय में पेड़ों की कटाई के विरोध में शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन चलाया गया। मार्च 1974 को कटाई के विरोध में स्थानीय महिलाएं पेड़ों से चिपक कर खड़ी हो गईं, दुनिया ने इसे चिपको आंदोलन के नाम से जाना।

बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर में उत्तराखंड में काफी भयावह स्थिति बन गई है। लगातार राज्य में नए मामलों की संख्या बढ़ रही है।

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