चूड़धार क्षेत्र में सीजन की पहली बर्फबारी-शीतलहर की चपेट में आया जिला

HNN News/ नाहन

वीरवार को जिला सिरमौर में सीजन का पहला हिमपात हुआ। जिले की सबसे ऊंची चोटी एवं प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल चूड़धार और इसके आसपास के क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। इसके अलावा निचले क्षेत्रों में हल्की वर्षा हुई। बर्फबारी और वर्षा से जिला के तापमान में भी काफी गिरावट आई है।

वहीं पूरा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में आ गया है। जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह पांच बजे से चूड़धार व इसके आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुककर बर्फबारी हो रही है। सायं तक यह चूड़धार में करीब 15 सेंटीमीटर बर्फ पड़ चुकी थी। इसी तरह जिले के निचले क्षेत्रों में हल्की वर्षा हुई। बर्फबारी के बीच चूड़धार में श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। बता दें कि बीते अप्रैल माह में चूड़धार में अंतिम बार बर्फबारी हुई थी।

चूड़धार में हुई बर्फबारी से गिरिपार क्षेत्र के तापमान में गिरवाट आ गई है। चूड़धार का अधिकतम तापमान 5 डिग्री व न्युनतम तापमान जीरी डिग्री सैल्सियस दर्ज किया गया। चूड़धार में बर्फबारी होने से गिरिपार क्षेत्र के तापमान में भी भारी गिरावट आई है।

बुधवार को हरिपुरधार में दिन का अधिकतम तापमान जहां 13 डिग्री सैल्सियस दर्ज किया था, वहीं वीरवार को हरिपुरधार में अधिकतम तापमान 7 डिग्री व न्युनतम तापमान 4 डिग्री सैल्सियस दर्ज किया गया।

नौहराधार, गताधार पनोग व चाडऩा आदि स्थानों में भी तापमान में भारी गिरावाट दर्ज की गई है। वीरवार को हुई हल्की वर्षा से किसानों और बागवानों ने भी राहत की सांस ली है।

बीते एक माह से जिले में बारिश नहीं हुई है। ऐसे में नकदी फसलों को नुकसान पहुंच रहा था। सबसे ज्यादा लहसुन की फसल प्रभावित हो रही थी। बता दें कि सिरमौर जिले में लहसुन का व्यापार मात्रा में उत्पादन किया जाता है।

सितंबर के तीसरे सप्ताह के बाद क्षेत्र में लहसुन की बुआई शुरू हो जाती है। ऐसे में लहसुन को बारिश की सख्त आवश्यकता थी। वहीं किसानों ने गेहूं की फसल की बुआई भी शुरू करनी है।

ऐसे में यह वीरवार को हुई बारिश ने किसानों को कुछ हद तक राहत प्रदान की है। वहीं मौसम विभाग की माने तो क्षेत्र में शुक्रवार का भी मौसम खराब रहेगा। यदि व्यापक बारिश होती है, तो किसानों को बहुत लाभ पहुंचेगा।