जल शक्ति विभाग कार्य निरीक्षक संघ ने छोटे कर्मचारियों के उत्पीडऩ का जड़ा आरोप

HNN/ नाहन

हिमाचल प्रदेश जल शक्ति विभाग कार्य निरीक्षक संघ ने विभाग के उच्चाधिकारियों पर छोटे कर्मचारियों का उत्पीडऩ करने के आरोप जड़े हैं। संघ के अध्यक्ष राम भगत सरस्वती, महासचिव प्रेम चौहान, संयुक्त सचिव माता प्रसाद, कानुनी सलाहकार, संत राम शर्मा व चुन्नी लाल ठाकुर ने जारी संयुक्त बयान में कहा कि उच्चाधिकारी हमेशा छोटे कर्मचारियों का उत्पीडऩ करके क्या जताना चाहते हैं। प्रदेश के अधिकांश कर्मचारियों को अपनी हर मांग के लिए न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाना पड़ता है।

उक्त पदाधिकारियों ने कहा कि कार्य निरीक्षक व तृतीय श्रेणी के कुछ कर्मचारियों ने अपने वर्क चार्ज स्टेटस लेने के लिए न्यायालय में केस दर्ज करवाया था, जिसका फैसला उनके पक्ष में आया था। इसके बाद जल शक्ति विभाग ने जो कर्मचारी 10-12 साल के बाद नियमित हुए थे, उन्हें 8 साल की सरकार की पॉलिसी अनुसार अपने कर्मचारियों को फरवरी 2020 तक फिक्सेशन हर वृत्तों में पूरी कर ली। उसके बाद कुछ वृत्तों में कर्मचारियों को एरियर का भी भुगतान किया गया।

कुछ कर्मचारियों को तो जो पहले सीपीएफ में आते थे उन्हें जीपीएफ नम्बर भी एलोट कर दिए है। मगर लगभग पोने दो साल बाद विभाग की ओर से एक लेटर जारी किया गया है। इसमें पुराने ऑर्डर ओए 1077/2017 को लागू नहीं करने का फैसला सुनवाया है। इसके चलते कर्मचारियों में विभाग व सरकार के खिलाफ भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि कार्य निरीक्षक संघ ने इस मांग को प्रदेश एनजीओ अध्यक्ष अश्वनी ठाकुर के समक्ष भी रखा है।

साथ ही जेसीसी में भी इसे प्रमुखता से उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कार्य निरीक्षक संघ जल्द मुख्यमंत्री और जल शक्ति से मिलेगा और 816 कर्मचारियों के साथ हो रहे अन्याय के लिए न्याय की मांग करेगा।

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