जिला में स्क्रब टायफस और डायरिया ने पसारे पांव, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

HNN/ सोलन

हिमाचल प्रदेश में एक तरफ कोरोना संक्रमण का कहर दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ स्क्रब टायफस सहित डायरिया के मामले भी बड़ी तेजी से अपने पांव पसारने लगे है। आए दिन स्क्रब टायफस बुखार से ग्रस्त मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनका आंकड़ा दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। बता दें कि क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में प्रतिदिन 8 के करीब मरीज स्क्रब टायफस के सामने आ रहे हैं जबकि डायरिया के भी 5 के करीब मामले आ रहे हैं।

जिला में प्रतिदिन बढ़ रही मरीजों की संख्या के चलते स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड़ पर है। उधर, एमडी मेडिसन डॉ. कमल अटवाल ने बताया कि स्क्रब टायफस घास में मौजूद एक विशेष प्रकार के पिस्सू की वजह से होता है। इस पिस्सू के काटने से उसकी लार में मौजूद एक बेहद खतरनाक बैक्टीरिया रिक्टशिया सुसुगामुशी मनुष्य के रक्त में फैल जाता है। ऐसे में पीडि़त व्यक्ति संक्रमण हो जाता है। जब यह संक्रमण फेफड़ों, किडनी, लीवर में पहुंचता है तो मरीज को बचा पाना मुश्किल होता है।

बताया कि सर्दी-जुकाम और बुखार की तरह डायरिया भी आम, लेकिन गंभीर समस्या है। गर्मी और बरसात के मौसम में इसका प्रकोप सबसे ज्यादा होता है। इसके पीछे अहम कारण गंदगी है। डायरिया दूषित भोजन या पेय से मुँह में आने वाले रोगाणुओं के कारण, या गंदी उँगलियों से मुँह छूने या गंदे चम्मच या प्याले का प्रयोग करने से होता है। बताया कि बरसात में बुखार को हल्के में न लें। किसी भी कारण से आए बुखार को नजरअंदाज न करें, तुरंत डाक्टर के पास जाएं और जांच करवाएं।

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