डेंगू से बचाव के लिए घर के आस-पास न जमा होने दे पानी- डॉ. अजय अत्री

HNN / ऊना, वीरेंद्र बन्याल

डेंगू के लक्षण आने पर इनकी अनदेखी खतरनाक हो सकती है। इसलिए जैसे की डेंगू के लक्षण आएं, तो तुरंत नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर चिकित्सीय सलाह अवश्य लें। यह जानकारी देते हुए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में कार्यरत डॉ. अजय अत्री ने कहा कि डेंगू एक मच्छर के काटने से होता है। मच्छर के काटने से डेंगू वायरस इंसानी शरीर में प्रवेश कर जाता है तथा रोगी को तेज बुखार, सिर दर्द, बदन व जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द इत्यादि होता है।

इसके अलावा कई बार नाक से, आमाश्य से रक्त स्त्राव होना, बेहोश हो जाना, शरीर में प्लेटलेस की कमी भी होती है।  डॉ. अत्री ने कहा कि डेंगू का मच्छर टूटे बर्तनों, टायरों, कूलरों, एसी व खड़े पानी की टंकी में पनपते हैं तथा यह मच्छर दिन को काटता है। उन्होंने बताया कि डेंगू से बचने के लिए अपने घरों व आसपास के क्षेत्रों में मच्छर को पनपने से रोकना आवश्यक है।  सप्ताह में एक या दो बार कूलर, एसी तथा टंकी के पानी को जरूर बदलें।

कूलरों में लंबे समय तक पानी न बदलने के कारण डेंगू का मच्छर पनपने की अधिक संभावनाएं रहती है। साथ ही टूटे बर्तनों, पुराने टायरों, टूटे घड़े इत्यादि को घर में न रखें ताकि उनमें पानी न ठहरें। साथ ही समय-समय पर घरों में मच्छर मारने के लिए कीटनाशकों का भी छिड़काव करें। इसके अलावा यदि बताए गए कोई भी लक्षण व्यक्ति में नजर आते हैं तो तुरन्त चिकित्सीय जांच के लिए अस्पताल पहुंचे।

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