तपोवन सुरंग से मिले शव की हुई शिनाख्त झारखंड का है युवक

नगर परिषद नाहन
सार्वजनिक सूचना

सर्वसाधारण को एतत् द्वारा सूचित किया जाता है कि नगर परिषद नाहन में सीएलसी के माध्यम से 50 सफाई कर्मचारियों की सफाई कार्य के लिए आवश्यकता है। जो भी व्यक्ति जिसकी आयु 18 वर्ष से अधिक हो और नगर परिषद क्षेत्र नाहन में सफाई का कार्य करने का इच्छुक हो वह सीएलसी नाहन में निर्धारित फीस 150, आधार कार्ड फोटो, बैंक खाता और निवास का प्रमाण पत्र देकर अपना नाम दर्ज़ करवा सकता है। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित दैनिक दरों के आधार पर वेतन दिया जाएगा।

सचिव सीएलसी (शहरी आजीविका केंद्र) नगर परिषद नाहन जिला सिरमौर (हिमाचल प्रदेश)
कार्यकारी अधिकारी एवं अध्यक्ष सीएलसी (शहरी आजीविका केंद्र) नगर परिषद नाहन जिला सिरमौर (हिमाचल प्रदेश)

राहत व बचाव के कार्य के 12वें दिन में प्रवेश , राहत दल जी-जान से जुटा मगर संसाधनों की भारी कमी

HNN / चमोली

उत्तराखंड के चमोली में हुई जल त्रासदी के बाद राहत व बचाव के कार्य लगातार जारी रहते हुए 12 वें दिन में प्रवेश कर गया है। आज वीरवार की सुबह राहत व बचाव दल को तपोवन सुरंग से सुबह 5:00 बजे के आसपास एक शव और बरामद हुआ हैं। जबकि एक व्यक्ति की टांग भी बरामद की गई है। मगर जिसकी यह टांग निकाली गई है उसका शव बरामद नहीं हुआ है।

बरामद किए गए शव की शिनाख्त हो गई है । मृतक व्यक्ति का नाम विक्की भगत पुत्र कर्म दास भगत उम्र 31 वर्ष निवासी झारखंड बताया गया है। डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया जा चुका है। DCR से प्राप्त जानकारी के अनुसार रेस्क्यू दल लगातार राहत कार्य में जुटा हुआ है।

बरहाल राहत व बचाव के कार्यों में भारी परेशानी संसाधनों की वजह से आ रही है। जबकि मौके पर सेना आइटीबीपी एनडीआरएफ आदि डटे हुए हैं। मगर अभी तक एनटीपीसी की ओर से कोई भी बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं आया है। वही गुमशुदा व मारे गए लोगों के परिजनों का एनटीपीसी प्रबंधन पर काफी गुस्सा भी भड़क रहा है।

परिजनों का कहना है कि यदि कंपनी के द्वारा सुरक्षा के पहले से ही कड़े इंतजाम किए गए होते तो यह हादसा इतना भयानक नहीं होता। वही अभी तक उत्तराखंड सरकार के द्वारा एनटीपीसी की कार्यप्रणाली को लेकर ना तो कोई जांच शुरू की गई है और ना ही कोई कार्यवाही की जा रही है। जानकारी तो यह भी है कि डीएम स्वाति भदोरिया ने कल एनटीपीसी के इंजीनियर्स के साथ एक बैठक भी रखी थी। इस बैठक में डीएम की ओर से कंपनी को यह भी निर्देश दिया गया था कि वह देश के किसी भी कोने से उचित संसाधन व दक्ष इंजीनियर बुलाकर कार्य करवाएं।

सवाल तो यह उठता है कि घटना के पहले ही दिन राहत कार्यों में एनटीपीसी के द्वारा उचित संसाधन सरकार के समक्ष मंगवाने के लिए क्यों नहीं कहा। हालांकि सरकार व प्रशासन की ओर से कोई भी कमी नहीं रखी जा रही है। मगर एनटीपीसी जिनके एक्सपर्ट का प्रशासन सहारा ले रहा है उन एक्सपर्ट पर सवालिया निशान भी लगते नजर आते हैं।

उधर, एसडीएम कुमकुम जोशी ने बताया कि आज सुबह रेस्क्यू दल को एक शव तथा एक पैर बरामद हुआ है। उनका कहना है कि एनटीपीसी जिन संसाधनों की जरूरत महसूस करती है वह उन्हें उपलब्ध करवाया जाता है।

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