दिव्यांगों के उत्थान के लिए समर्पित होकर कार्य करना आवश्यक- K.C. चमन

डाईट सोलन में विश्व विकलांगता दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित

HNN News/ सोलन

उपायुक्त सोलन केसी चमन ने कहा कि दिव्यांग जन समाज का अभिन्न अंग हैं और इनके उत्थान की दिशा में सरकार के साथ-साथ विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं को भी मिल-जुलकर कार्य करना होगा। केसी चमन आज जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाईट) सोलन में विश्व विकलांगता दिवस पर आयोजित जि़ला स्तरीय कार्यक्रम के अवसर पर जि़लाभर से आए विशेष बच्चों, अभिभावकों एवं अध्यापकों को सम्बोधित कर रहे थे।

इस कार्यक्रम का आयोजन जि़ला कल्याण विभाग तथा सर्व शिक्षा अभियान के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

केसी चमन ने कहा कि दिव्यांग जनों को सशक्त बनाने के लिए हमें उनके अंदर छुपी हुई प्रतिभा को पहचानना होगा तथा उनकी क्षमता के अनुरूप उसे निखारना होगा। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों के उत्थान के लिए सोलन जिला के कोठों गांव में स्थित मानव-मंदिर पुनर्वास केन्द्र मस्क्युलर डिस्ट्रॉफी जैसे सार्थक प्रयास करने होंगे तभी हम दिव्यांग जनों को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि दिव्यांग जन साधारण व्यक्ति की तरह ही मानसिक रूप से सुदृढ़ होते हैं तथा दिव्यांगों की इस क्षमता में गुणात्मक वृद्धि करके आशातीत परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांग जनों में ईश्वर प्रदत्त कुछ खास विशेषताएं होती हैं। देश में अनेक दिव्यांगों ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

उन्होंने कहा कि दिव्यांगो के अधिकारों व आवश्यकताओं के विषय में चिंतन व चर्चा करने के उद्देश्य से ही विश्व में 1992 से 3 दिसम्बर का दिन विश्व विकलांगता दिवस के रूप में मनाया जाता है, ताकि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक कर समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया जा सके। इसका उद्देश्य समाज के सभी क्षेत्रों में दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों को बढ़ावा देना और राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृति जीवन में दिव्यांग लोगों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।

जिला कल्याण अधिकारी बीएस ठाकुर ने जिला कल्याण अधिकारी बीएस ठाकुर ने विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की।

उन्होंने कहा कि विकलांगजनों की त्वरित सहायता के उद्देश्य से प्रत्येक वीरवार को क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में अक्षम व्यक्तियों का प्रमाणपत्र निःशुल्क बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे चिकित्सा शिविर जि़ले के अन्य भागों में भी समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं ताकि अक्षम व्यक्तियों को उनके घर-द्वार पर ही सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने कहा कि विकलांग बच्चों को विभिन्न स्तरों पर छात्रवृतियां भी प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के अधिनियम के अंतर्गत दिव्यांगजनों को 21 श्रेणियों में बांटा गया है। 40 से 69 प्रतिशत दिव्यांगता के लिए 850 रूपये प्रतिमाह तथा 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता के लिए 1500 रूपये मासिक
पैंशन प्रदान की जा रही है।

इस अवसर पर दिव्यांग बच्चों के मध्य चित्रकला, कुर्सी दौड़ इत्यादि प्रतियोगिताएं भी करवाई गई। डाईट के प्रशिक्षुओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। प्रतियोगिताओं के विजेताओं तथा प्रतिभागियों को मुख्यातिथि द्वारा सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण कीे सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी सोलन गुरमीत कौर, भारतीय मस्कुलर डिस्ट्रॉफी संघ की अध्यक्ष संजना गोयल, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य संजीव कुमार, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के डॉ. असीम शर्मा, आयुर्वेद विभाग से डॉ. अनिल शर्मा, दृष्टिहीन दिव्यांग कर्मचारी कल्याण संघ के अध्यक्ष डूमेश्वर सिंह, गणपति एसोसिएशन कुनिहार के अध्यक्ष रोशन लाल तथा जिले के विभिन्न भागों से आए दिव्यांग बच्चे, उनके अभिभावक एवं अध्यापक उपस्थित थे।