देव जुन्गा के प्राचीन मंदिर का होगा जीर्णोद्धार- विजय ज्योति सेन

HNN/ शिमला

22 देवताओं के स्थान ठूंड में स्थित देव जुन्गा (चंद) के प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार करके इसे पहाड़ी शैली का भव्य मंदिर निर्मित किया जाएगा जिसका निर्माण कार्य शुभ मुर्हूत में शीघ्र किया जाएगा ताकि इस प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर का सरंक्षण व संवर्धन हो सके। यह बात कसुंपटी की भाजपा नेत्री विजय ज्योति सेन ने मंगलवार को जुन्गा राजमहल में आयोजित मंदिर निर्माण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होने कहा कि मंदिर निर्माण बारे प्रदेश सरकार के भाषा विभाग के साथ प्रभावी ढंग से मामला उठाया जाएगा ताकि मंदिर निर्माण के लिए सरकार की ओर से धनराशि स्वीकृत हो सके।

उन्होने समिति सदस्यों से आग्रह किया कि इस कार्य के लिए लोगों का योगदान भी सुनिश्चित करें ताकि इस मंदिर को सही परिप्रेक्ष्य में पुनरूद्धार हो सके। विजय ज्योति सेन ने बताया कि ठूंड स्थित देव जुन्गा का मंदिर प्रदेश के प्राचीन मंदिरों मे से एक है। जिसका इतिहास जुन्गा रियायत के राजपरिवार से जुड़ा हुआ है और विशेष पर्व पर प्राचीन जुन्गा रियासत के राज परिवार के सदस्य मंदिर में आकर पूजा अर्चना करते हैं। उन्होने कहा कि इस प्रचीन मंदिर को धार्मिक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जाएंगे ताकि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बन सके।

श्रद्धालुओं के अतिरिक्त पर्यटक स्थल चायल, कुफरी सिलोनबाग आने वाले सैलानी भी यहां आकर मंदिर के दर्शन व प्रकृति की अनुपम छटा का आन्नद ले सके। देव जुन्गा के प्रमुख पुजारी नंदलाल शर्मा ने बताया कि कालांतर से ठूंड गांव 22 देवता के स्थान के नाम से प्रसिद्ध है। देव जुन्गा देवचंद की मान्यता क्योंथल रियासत के अतिरिक्त जिला शिमला, सोलन और सिरमौर के विभिन्न क्षेत्रों में पाई जाती है और देव जुन्गा को 22 गोत्र के लोग अपना कुल देवता मानते हैं।

उन्होने बताया कि देवठण अर्थात प्रबोधनी एकादशी और दसूणी के अवसर पर पूरे क्षेत्र के देवता देवचंद, पंजाल के कुंथली देवता, धार के मनूणी देवता, भनोग के जुन्गा देवता सहित 22 देवता ठूंड में एकत्रित होते है जहां पर लोग मनौती पूर्ण होने पर देवता को भेंट अर्पित करते हैं ।

लेटेस्ट न्यूज़ एवम अपडेट्स अपने व्हाटसऐप पर पाने के लिए हमारी व्हाटसऐप बुलेटिन सर्विस को सब्सक्राइब करें। सब्सक्राइब करने के लिए क्लिक करें।

वीडियो