दो दिन हुई बारिश से किसान चिंतित, मटर व सूखी घास के बर्बाद होने का खतरा

HNN/ संगड़ाह

सिरमौर जिला के उपमंडल संगड़ाह व अन्य ऊपरी क्षेत्रों में रविवार के बाद सोमवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। ऐसे में जहां कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है, तो वहीं क्षेत्र के किसानों की चिंताएं भी बढ़ गई है। संगड़ाह में सोमवार को अधिकतम तापमान मात्र 16 डिग्री रहा, जो कि रविवार के मुकाबले 10 डिग्री कम है।

हिमपात अथवा कड़ाके की ठंड से प्रभावित रहने वाली गिरिपार की विभिन्न पंचायतों के ग्रामीण इन दिनों अगले चार माह के लिए पशु चारा आदि एकत्र करने में जोर-शोर से जुट थे, मगर मौसम खराब होने से दो दिनों से उक्त काम रुक गया है। पशुपालकों को काटी गई घास को भी समेटने का समय नही लग पाया और बारिश से सूखी घास खराब होने अथवा सड़ने की चिंता सता रही है।

बारिश के चलते क्षेत्र कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गया है और लोग हीटर, अंगीठी व गर्म कपड़ो के सहारे दिन काट रहे हैं। बारिश हालांकि मसाला फसल लहसुन के लिए लाभदायक समझी जा रही है मगर मटर की फसल के लिए नुकसानदायक मानी जा रही है।

मटर में फलियां व फूल लगने शुरू हो गए है और बेमौसमी ठंड से इसकी फ्लावरिंग पर विपरीत असर पड़ता है। नौहराधार, घंडूरी, चोकर, चाढ़ना, चुनवी, भवही, संगड़ाह, सांगना, शिवपुर, सैंज व अंधेरी आदि पंचायतों में बड़े पैमाने पर लगाई जाती है और यह फसल वर्ष की अंतिम नगदी फसल होती है। बरहाल, बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है तथा किसानों की चिंता बढ़ गई है।

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