धर्मशाला के होटल 50 फ़ीसदी छूट के बाद भी खाली, कारोबारियों के चेहरे पर छाई मायूसी

HNN/ धर्मशाला

इस वीकेंड सैलानियों ने पर्यटन नगरी धर्मशाला और धौलाधार की पहाड़ियों को निहारने के लिए यहां का रुख नहीं किया। वीकेंड पर बाहरी राज्यों से पर्यटक न आने के कारण एक बार फिर होटल कारोबारियों के चेहरों पर मायूसी छा गई है। होटल मालिक और पर्यटन से जुड़े अन्य कारोबारी पर्यटकों की राह ताक रहे है, लेकिन इनके हाथ मायूसी ही लग रही है।

बता दें कि होटल कारोबारी पर्यटकों को ठहरने से लेकर खानपान पर वीकेंड में 35 प्रतिशत व आम दिनों में 50 फीसदी तक छूट दे रहे हैं, लेकिन अक्तूबर के पहले वीकेंड को छोड़ दें तो होटलों में ऑक्यूपेंसी 10 से 15 फीसदी के बीच ही रही है। अपर धर्मशाला होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रधान अश्वनी बाम्बा ने कहा कि वीकेंड पर जो थोड़े बहुत पर्यटक धर्मशाला घूमने आ रहे हैं, उनमें 95 फीसदी तादाद पड़ोसी राज्य पंजाब व चंडीगढ़ के पर्यटकों की है।

उन्होंने कहा कि प्रमुख मन्दिर खुलने के बाद भी धार्मिक पर्यटन जोर नहीं पकड़ सका है। इसका कारण ये है कि कोरोना संकट के चलते अभी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात आदि राज्यों से पर्यटक नहीं आ रहे हैं। अन्य राज्यों के लिए वॉल्वो बस सेवा अभी तक शुरू न होने के चलते भी पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं हो पाई है।

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