धूमल भगत सुखराम चौधरी की क्या नैया लगेगी पार !

पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल की हार के बाद मुख्यमंत्री की दावेदारी में उनके लिए पावटा सीट छोड़ने के लिए किया था ऐलान….. मुश्किल है रास्ते

HNN News नाहन

जयराम# अनुराग शेक हैंड प्रकरण के बाद प्रदेश में अहम और वर्चस्व की राजनीति फिर से शुरू हो गई है। जिसको स्पष्ट रूप से गुटबाजी भी कहा जा सकता है। इस छदम घमासान में जहां संगठन व प्रदेश की जनता मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर में अपनी आस्था रखती है वही शेक हैंड प्रकरण के बाद जनता बड़े ठाकुर के छोटे ठाकुर से नाराज भी हो गई है।

इन दो पाटों के बीच पावटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी की नैया हिचकोले खाती नजर आ रही है। क्योंकि प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की पहली पसंद है। यह भी सभी को मालूम है। यही नहीं जब जेपी नड्डा फॉरेस्ट मिनिस्टर से और उसके बाद उन्हें दिल्ली भेजा गया था यह प्रकरण भी किसी से छुपा नहीं है।

चुनौती अब नए प्रदेश अध्यक्ष के सामने भी है क्योंकि एक तरफ कुआं है तो दूसरी तरफ खाई है। ऐसे में बैलेंस बनाए रखने के लिए नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया के मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने को लेकर ऊपरी और निचले हिमाचल में सामंजस्य भी बनाना होगा।

हालांकि सुखराम चौधरी का नाम मंत्रिमंडल तथा विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर भी चर्चाओं में चल रहा है। मगर बड़े और छोटे ठाकुर की पिक्चर को अगर रि-वाइंड करके देखा जाएगा तो ऐसा किया जाना आग में घी डालने वाली बात होगी।

बोर्ड या निगम तक बात हजम तो होती है मगर मंत्रिमंडल या विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर राजनीतिक पंडित शक जाहिर कर रहे हैं। क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री के विधानसभा चुनाव में हार के बाद प्रदेश भाजपा के समीकरण बड़े तेजी से बदले थे। यही नहीं धूमल भगत सुखराम चौधरी ने प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल के लिए पावटा सीट छोड़ने का ऐलान भी कर दिया था।

उनका यह भक्ति भरा संदेश दिल्ली तक पहुंचा था। जबकि इस बयान से पहले सुखराम चौधरी का नाम मंत्रिमंडल में वरिष्ठता के नाते शामिल किए जाने को लेकर चर्चा में आ गया था। अब ऐसे में नए प्रदेश अध्यक्ष को इस खाई को भी पाटना है और शीर्ष नेतृत्व के उद्देश्यों की पूर्ति को भी करना है। संगठन भी कमजोर ना हो और तारतम भी बैठाना है।

क्योंकि नहीं प्रदेश अध्यक्ष का संदेश वाहक बन कर आए उत्तरांचल के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक व महासचिव ने अपने संबोधन में यह भी साफ किया था की मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ऐसे ही दमदार प्रदेश अध्यक्ष की जरूरत मौजूदा समय है। जिसका अर्थ बिल्कुल एकदम साफ है।

बरहाल एक तरफ संगठन व प्रदेश की जनता और दूसरी तरफ बड़े और छोटे ठाकुर के बीच सुलगती चिंगारी ,देखते हैं किस-किस के हाथ जलाएगी ।

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