नई दिल्ली/लोकसभा में वोटिंग के बाद पास हुआ तीन तलाक बिल ।

नई दिल्ली: तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) की प्रथा पर रोक लगाने के मकसद से लाए गए ट्रिपल तलाक विधेयक (Triple Talaq Bill) करीब 5 घंटे तक चली चर्चा के बाद को लोकसभा में पास कर दिया गया । अब यह विधेयक राज्यसभा में भेजा जाएगा ।वोटिंग के समय हालांकि कांग्रेस और एआईएडीएम ने लोकसभा से वॉकआउट कर दिया।

कांग्रेस की मांग थी कि इस बिलसे को ज्वाइंट सिलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए । सदन में विपक्षी पार्टियां जहां इस बिल का विरोध कर रही थीं, वहीं सरकार का कहना था कि नारी गरिमा के हक में सभी पार्टियां साथ आएं । लोकसभा में तीन तलाक बिल को पास कराने के लिए बीजेपी ने पहले ही अपने सांसदों को व्हीप जारी कर सदन में उपस्थित होने को कहा था ।

दरअसल, पिछले सप्ताह सदन में इस पर सहमति बनी थी कि 27 दिसंबर को विधेयक पर चर्चा होगी । इससे पहले कांग्रेस ने इस पर सहमति जताई थी कि वह ‘मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2018’ पर होने वाली चर्चा में भाग लेगी ।

दरअसल, लोकसभा में पिछले हफ्ते जब मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक- 2018 चर्चा के लिए लाया गया तो सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सुझाव दिया कि इस पर अगले हफ्ते चर्चा कराई जाए । इस पर संसदीय कार्य मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने विपक्ष से आश्वासन मांगा कि उस दिन बिना किसी बाधा के चर्चा होने दी जाएगी । इस पर खड़गे ने कहा, ‘मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस विधेयक पर 27 दिसंबर को चर्चा कराइए । हम सभी इसमें हिस्सा लेंगे । हमारी पार्टी और अन्य पार्टियां भी चर्चा के लिए तैयार हैं ।’

वहीं, एआईएमआईएम के असदउद्दीन ओवैसी और कांग्रेस की दो सांसद सुष्मिता देव और रंजीत रंजन ने तीन तलाक देने के दोषी को जेल भेजे जाने के प्रावधान का विरोध किया। चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जब पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत 22 इस्लामिक देशों ने तीन तलाक को गैर-कानूनी करार दिया है तो भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश में तीन तलाक को अपराध मानने में क्या परेशानी है? महिला सशक्तिकरण के लिए यह बिल जरूरी है।

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