नाहन नगर परिषद में 5 बार पार्षद और चेयरमैन रहे परमानंद नहीं रहे…

वेटरनरी डिपार्टमेंट से सेवानिवृत्त परमानंद समाज सेवा में भी अग्रणी रहे

HNN/ नाहन

नगीना कहे जाने वाले नाहन शहर को यूं तो कई कारीगरों ने तराशा है। मगर एक शख्सियत ऐसी भी थी जिनके कार्यों को आज भी याद किया जाता है। वह थे राम कुंडी निवासी परमानंद। बीती रात करीब 1:30 बजे 99 वर्षीय परमानंद ने अंतिम सांस ली। परमानंद नाहन नगर परिषद में एक बार चेयरमैन तथा पांच बार पार्षद रहे हैं।

उनके बारे में जानकारी देते हुए पूर्व पार्षद व समाजसेवी दिलीप सिंह वर्मा ने बताया कि नाहन शहर को एक दिशा और दशा देने में उनका बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि परमानंद वेटरनरी डिपार्टमेंट से सेवानिवृत्त थे। उनकी पत्नी का देहांत काफी अरसा पहले हो चुका था। पति पत्नी की कोई अपनी संतान ना होने के चलते उन्होंने अपनी भतीजी को गोद ले रखा था।

दिलीप सिंह वर्मा ने बताया कि वह एक कट्टर कांग्रेसी थे। मगर विकास के मामले में वह हिमाचल निर्माता डॉ यशवंत सिंह परमार के बताए मार्ग पर ही चलते थे। राजनीतिक विद्वेष से हटकर एक समान रूप से हर वार्ड के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहता था। दिलीप सिंह वर्मा का कहना है कि परमानंद जैसी विचारधारा आज के पार्षदों में और नेताओं में नजर नहीं आती है।

वही परमानंद के अचानक देहांत पर पूर्व विधायक कुश परमार, प्रदेश कांग्रेस महासचिव अजय सोलंकी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष कवर अजय बहादुर सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जिला कांग्रेस रूपेंद्र ठाकुर, महासचिव नरेंद्र तोमर, सेवा दल के पूर्व अध्यक्ष जब्बर सिंह, पूर्व कांग्रेसी मंडल अध्यक्ष नाहन जग्गी राम शर्मा, हरिपाल वालिया, प्रेम ठाकुर आदि ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत की आत्मा को परमात्मा के चरणों में स्थान मिले उसके लिए प्रार्थना की।

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