नाहन मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षु चिकित्सकों को हॉस्टल में मिली 4 वाशिंग मशीन

कॉलेज प्रिंसिपल के मुरीद हुए मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षु डॉक्टर वाईफाई और जिम इक्विपमेंट्स जल्द देने का भी किया वादा,

HNN News नाहन

कभी विवादों में तो कभी अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में रहने वाला नाहन मेडिकल कॉलेज अब पटरी पर आता नजर आ रहा है। असल में पहले एक महिला प्रिंसिपल कि कॉलेज के प्रति नजर अंदाजी को लेकर ना केवल मेडिकल कॉलेज विवादों में आ गया था बल्कि इस कॉलेज में पढ़ने वाले प्रशिक्षु चिकित्सक मानसिक प्रताड़ना झेलने पर मजबूर थे।

जैसे ही नए प्रिंसिपल डॉ एके सहाय के हाथ मेडिकल कॉलेज की कमान आई उन्होंने सबसे पहले सबके साथ सहयोग पूर्ण रवैया में चलते हुए तमाम व्यवस्थाओं को सिलसिलेवार सुधारना शुरू कर दिया है।

मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में रहने वाले प्रशिक्षु चिकित्सक लंबे समय से वाशिंग मशीनों की मांग कर रहे थे। मगर उनकी मांग को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता था। हाल ही में नए प्रिंसिपल डॉ एके सहाय ने अपने पहले हॉस्टल विजिट में छात्रों की मांग को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया था। बड़ी बात तो यह कि मात्र 10 दिनों के अंदर प्रिंसिपल ने छात्रों की मांग को पूरा करते हुए आज बुधवार को उन्हें चार वॉशिंग मशीन सौंप दी है।

जिसमें दो वॉशिंग मशीन बॉयज हॉस्टल के लिए और दो महिला हॉस्टल के लिए दी गई है। छात्रों ने इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन तथा प्रिंसिपल डॉ एके सहाय का आभार भी व्यक्त किया। डॉ एके सहाय बुधवार को छात्रों के हॉस्टल में पहुंचे जहां छात्रों ने उनका जोरदार स्वागत भी किया।

प्रशिक्षु चिकित्सकों ने इस दौरान प्रिंसिपल से वाईफाई तथा हॉस्टल में जिम इक्विपमेंट्स लगाए जाने की भी मांग रखी। बड़ी बात तो यह है कि प्रिंसिपल ने उनकी मांग को जायज मानते हुए जल्द इसे पूरा करने का भी आश्वासन दिया। हॉस्टल के तमाम प्रशिक्षित चिकित्सकों ने इसके लिए प्रिंसिपल डॉ एके सहाय का आभार भी व्यक्त किया।

बता दें कि मैं प्रिंसिपल डॉ एके सहाय के चार्ज संभालने के बाद मेडिकल कॉलेज में करीब 3 साल के बाद सीटी स्कैन की सुविधा शुरू हुई है। कॉलेज की नई बिल्डिंग का निर्माण जो करीब 3 सालों से अटका हुआ था वह कार्य भी अब शुरू हो गया है। यही नहीं मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सेंट्रल एसी सिस्टम भी शुरू कर दिया गया है। पहले मेडिकल कॉलेज में डेंगू टेस्ट के लिए एलाइजा टेस्ट सुविधा नहीं थी अब वह सुविधा भी इस मेडिकल कॉलेज में शुरू हो गई है।

पहले जहां कॉलेज की प्रिंसिपल अक्सर संस्थान से नदारद रहती थी तो वहीं अब नए प्रिंसिपल हर वक्त कॉलेज में ही मौजूद रहते हैं। जिसके चलते वस्तुएं तमाम व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए प्रतिदिन कॉलेज का निरीक्षण भी करते हैं। यही वजह है कि सभी स्टाफ के साथ तालमेल बनाते हुए पुराना कॉलेज भवन होने के बावजूद व्यवस्थाओं को धीरे धीरे सिरे पर लाया जा रहा है।

उधर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ एके सहाय ने वाशिंग मशीन दिए जाने की पुष्टि की है।