पच्छाद की बेटी संध्या ठाकुर इंडो-पाक बार्डर पर कर रही देश की रक्षा


बीएसएफ में सेवाएं देने वाली पच्छाद क्षेत्र से है पहली युवती

HNN News/नाहन

जिला सिरमौर की पच्छाद तहसील के छोटे से गांव में जन्मी संध्या ठाकुर आजकल देश के बोर्डर की रक्षा में अपनी सेवाऐं दे रही है। देश की इंडो-पाक सीमा पर पंजाब में संध्या ठाकुर सीमा सुरक्षा बल के तौर पर अपनी सेवाऐं दे रही है।

संध्या पच्छाद क्षेत्र से पहली युवती है। जिसने बीएसएफ को चुना तथा देश की सेवा में अपने आप को झोंक दिया है। पच्छाद तहसील की जयहर पंचायत के छोटे से गांव शोटिया में 22 जून 1993 को जन्मी संध्या ठाकुर ने अपने देश सेवा के जज्बे के चलते 2014 में बीएसएफ में ज्वांईन किया।

संध्या ठाकुर ने अपनी जमा दो तक की पढ़ाई गांव के स्कूल से की है। एक मिडिल क्लास से संबन्ध रखने वाली संध्या ठाकुर अपने माता पिता की सबसे बड़ी संतान है। जब संध्या ठाकुर ने जमा दो तक पढ़ाई पूरी की तो परिवार से कोई सदस्य नौकरी में नहीं था।

पिता एक किसान थे तथा संध्या से छोटे एक बहन तथा भाई की पढ़ाई का बोझ संध्या ने अपने कंधे पर लेने का मन बनाया तथा घर से निकलकर नाहन पहुंचकर छोटी मोटी नौकरी शुरू की।

2014 में संध्या को बीएसएफ में भर्ती होने का मौका मिला तथा बरली से संध्या बीएसएफ में भती हो गई। घर छुट्टी पर आई हुई संध्या ने बताया कि लड़कियां चाहें तो किसी भी क्षेत्र में स्वयं को साबित कर सकती है।

गौरतलब है कि बीएसएफ सीमा सुरक्षा में फस्ट लाईन ऑफ कांटरोल पर काम करती है। ऐसे में संध्या अपने मजबूत इरादों के साथ दुश्मन से रोज आमना-सामना करती है। पाक की सीमा पर तैनात रेंर्जस से संध्या का रोज सुबह शाम आमना सामना होता है। संध्या ने बताया कि ठंड के मौसम में भारी कोहरा होने के कारण सेवाऐं देना चुनौती पूर्ण है।

देश की सीमा की सुरक्षा में तैनात बीएसएफ को 24 घंटे सामने वालों की हर गतिविधियों पर नजर रखनी होती है। घुसपैठ से लेकर सामान की तस्करी की निगरानी बीएसएफ के हाथ में होती है।

बहरहाल संध्या ठाकुर प्रदेश की उन युवतियों के लिए एक प्ररेणा हैं जोकि देश की सुरक्षा में अपने को झोंकना चाहती है।

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