पच्छाद के जामुन की सेर मेले का हुआ समापन

विधानसभा अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला, जिला भाजपा अध्यक्ष विनय गुप्ता भी रहे मौजूद, गैर राजनीतिक रहा कार्यक्रम

HNN News सराहां

पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के गिन्नी घाट की जामुन की सेर पंचायत में हर वर्ष की भांति आयोजित होने वाले मां दुर्गा मेले का आज बुधवार को समापन हुआ। मेले में बतौर मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल तथा विशेष अतिथि जिला भाजपा अध्यक्ष विनय गुप्ता उपस्थित रहे।

इस मौके पर मेला आयोजन समिति की ओर से विधानसभा अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल व विनय गुप्ता का जोरदार स्वागत किया गया। मेले के समापन समारोह को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मेले हमारी परंपराओं के घोतक होते हैं। इनमें ना केवल हमारी संस्कृति की झलक मिलती है बल्कि आपसी भाईचारे का भी प्रतीक होते हैं।

बता दें कि जामुन की सेर में पिछले 25 वर्षों से मां दुर्गा माता के प्रांगण से पूजा अर्चना तथा हवन के बाद इस मेले का शुभारंभ होता है। ग्रामीण स्तर पर आयोजित होने वाले इस मेले में इस बार बीते कल वीरवार को विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। मंदिर में हवन पूजा व कन्या पूजन के बाद मेले का शुभारंभ हुआ।

इस बाबत जानकारी देते हुए आयोजन समिति के अध्यक्ष मोहन भंडारी ने बताया कि मेले में विभिन्न राज्यों के व्यापारी स्टॉल लगाते हैं। मेले में आने वाले लोगों व व्यापारियों के लिए आयोजन समिति के द्वारा उचित व्यवस्थाएं की जाती हैं।

उन्होंने बताया कि इस बार हर वर्ष की भांति विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। जिसमें कबड्डी के जूनियर वर्ग का मुकाबला गलाना -घाट तथा सराहां के खिलाड़ियों के बीच हुआ। जिसमें सराहा की टीम विजय घोषित हुई।

आज आयोजित हुए कबड्डी और वॉलीबॉल खेल प्रतियोगिता में रसूलपुर हरियाणा की टीम ने वॉलीबॉल का मैच जीता जबकि कबड्डी वरिष्ठ वर्ग पर सराहा का कब्जा रहा उन्होंने पीजी कॉलेज नाहन को बुरी तरह से हराया।

यहां यह भी बताना जरूरी है कि इस मेले को सफलतापूर्वक आयोजित करने में भाजपा के वरिष्ठ नेता व मौजूदा समय विपणन बोर्ड के अध्यक्ष बलदेव भंडारी का मुख्य सहयोग रहता है।

मेले के समापन अवसर पर मुख्य रूप से विपणन बोर्ड के अध्यक्ष बलदेव भंडारी ,विजय भंडारी राजेंद्र कुमार, प्रकाश शर्मा ,राजेश ठाकुर आदि मौजूद रहे। विजेता खिलाड़ियों को मुख्य अतिथि के द्वारा सम्मानित भी किया गया। खबर लिखे जाने तक दंगल प्रतियोगिता का परिणाम नहीं आया था।

बड़ी बात तो यह रही कि क्योंकि इस क्षेत्र में उपचुनाव भी चल रहा है बावजूद इसके किसी ने भी विधानसभा अध्यक्ष के रहते हुए चुनाव प्रचार आदि नहीं किया। बल्कि यह एक धार्मिक आयोजन था जिसमें केवल पूजन और विजेताओं को सम्मानित किया गया।