पच्छाद/ बेनतीजा रही कोर कमेटी की बैठक नहीं बन पाया मंडल अध्यक्ष, 5 नाम भेजे गए आगे

बैकफुट पर है पच्छाद भाजपा, 600 एक्टिव मेंबर बना पाने में रही असफल या फिर बनाया जा रहा है कोई बड़ा बहाना चंद्रमोहन ठाकुर खेलना चाहते हैं ब्राह्मण पर मंडल अध्यक्ष का दाव

HNN News पच्छाद

पच्छाद भाजपा मंडल को आज शनिवार भी नया मंडल अध्यक्ष नहीं मिल पाया है। देर रात तक चुनाव अधिकारी पवन गुप्ता की अध्यक्षता में चली कोर कमेटी की बैठक पूरी तरह से बेनतीजा रही। बैठक में फिर से मंडल अध्यक्ष के लिए 33 नाम सुझाए गए।

विश्वसनीय सूत्रों की मानें की जाए तो केवल 5 नाम ही सिलेक्ट कर आगे भेजे जा रहे हैं। जिनमें सबसे पहले नंबर पर राजगढ़ के रमेश वर्मा दूसरे नंबर पर राजपाल ठाकुर सराहा से सुरेंद्र नेहरू चक्रधर भंडारी अनूप शर्मा का नाम लिस्ट में डाला गया है। बाकी नाम लिस्ट से हटा दिए गए हैं।

यहां यह भी बता दें कि मौजूदा मंडल अध्यक्ष प्रताप ठाकुर को इस बार लिस्ट से बाहर किया गया है। मीटिंग में सूत्रों के हवाले से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रताप ठाकुर के लिए कहा गया है कि तीन बार किसी को अध्यक्ष बनाया जाना पार्टी के नियम में नहीं है। ऐसे में सवाल नालागढ़ के मंडल अध्यक्ष का भी सामने आ जाता है जो तीसरी बार प्रधान बने हैं। कोर कमेटी के सदस्यों की यह दलील संगठन के कई कार्यकर्ताओं को ना गवारा भी गुजर रही है।

ऐसे में सवाल यह उठता है कि राजगढ़ क्षेत्र से संबंध रखने वाले मंडल के महामंत्री राजपाल ठाकुर को यदि मंडल की कमान नहीं दी जाती है तो निश्चित ही इस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा बुरी तरह से बैकफुट पर आनी शुरू हो जाएगी। अब यदि रमेश शर्मा जो कि ब्राह्मण समुदाय से संबंध रखते हैं राजनीतिक रूप से अभी इतने परिपक्व भी नहीं है।

जबकि राजपाल ठाकुर दो बार राजगढ़ नगर इकाई के अध्यक्ष रह चुके हैं। सोलन महाविद्यालय में छात्र संगठन में सक्रिय राजनीतिक पृष्ठभूमि भी अच्छी रही है। 1996 से विद्यार्थी परिषद में रहे हैं। पिछली बार मंडल में मीडिया प्रभारी और मौजूदा समय मंडल महामंत्री के पद पर काबिज हैं। राजनीति का अच्छा ज्ञान है पूरे विधानसभा क्षेत्र का राजनीतिक जुगराफिया अच्छी तरह से जानते वह समझते हैं।

वही सुरेंद्र नेहरू चक्रधर भंडारी अनूप शर्मा भी राजनीतिक पृष्ठभूमि से हैं और संगठन में काफी परिपक्व राजनीति का तजुर्बा रखते हैं। आज पूरा दिन कोर कमेटी की बैठक में माहौल काफी सर्द में गर्मी का एहसास करा रहा था। यहां बड़ी बात तो यह है कि सरकार के चार धुरंधर किसी विधानसभा क्षेत्र से संबंध रखते हैं। मगर राजनीतिक महत्वाकांक्षा के चलते दिग्गज संगठन व कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोल पाने में अब फेल होते नजर भी आ रहे हैं।

बड़ी बात तो यह है कि 600 नाम एक्टिव मेंबर्स के पोर्टल पर नहीं चल पाए हैं। केवल 300 नाम ही अभी तक एक्टिव मेंबर के पोर्टल पर चढ़े हैं। अब यह बहाना है या फिर अभी तक एक्टिव मेंबर नहीं बन पाए हैं यह तो वक्त ही बताएगा। मगर उपचुनाव से नसीहत ना लेते हुए अभी भी संगठन व कार्यकर्ताओं के मान सम्मान व उनके जज्बातों को कोई नहीं समझ पा रहा है। हालांकि पार्टी का वर्कर पार्टी के प्रति पूरी तरह से वफादार है। मगर कुछ दिग्गज नेताओं से अभी भी पूरी तरह से नाराज चल रहा है।

ऐसे में मंडल अध्यक्ष पद में जो दखल अंदाजी चल रही है उसको लेकर बेशक अभी प्रत्यक्ष नुकसान नजर नहीं आ रहा है मगर आने वाले समय में इस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा बुरी तरह से बैकफुट पर जाने की तैयारी में है।

उधर चुनाव अधिकारी पवन गुप्ता का कहना है कि मीटिंग असफल नहीं रही है। कोर कमेटी की बैठक में 33 नाम सुझाए गए हैं जिन पर चर्चा हो चुकी है कल रविवार को नया मंडल अध्यक्ष काबिल हो जाएगा। पवन गुप्ता का कहना है कि एक्टिव मेंबर बनाए जा चुके हैं उनके नाम सर्वर डाउन होने की वजह से पोर्टल पर नहीं चढ़ पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैंने कल तक सभी नामों को पोर्टल पर चढ़ाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी तथा संगठन पूरी तरह से एकजुट है किसी का भी किसी से कोई मतभेद नहीं है।