पांच-पांच मंजिले फ्लैटों के नक्शे पास किए जाने पर पूर्व पार्षद व भाजपा नेता ने एमसी नाहन पर उठाए सवाल

शहर में बने अधिकतर फ्लैट्स में नहीं है लिफ्ट का प्रोविजन, कई फ्लैट्स का हो रहा है कमर्शियल यूज

HNN/ नाहन

नाहन शहर में पिछले लंबे अरसे से बहुमंजिले फ्लैट और भवन बनाए जाने का चलन जोर-शोर से चला हुआ है। पांच से छह मंजिल तक बनाए जा रहे इन फ्लैट व भवनों के नक्शे पास किए जाने को लेकर पूर्व पार्षद और भाजपा नेता संजय गोयल ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाए हैं। संजय गोयल का कहना है कि नगर परिषद के द्वारा आम लोगों के दो मंजिले भवनों के नक्शे भी कई-कई साल तक पास नहीं किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी के लिए एमसी नियमों की लंबी फेहरिस्त को जबरन थोप देती है। जबकि प्रभावशाली लोगों के पांच मंजिल से अधिक तक के निर्माण के नक्शे अधूरे निर्माण के दौरान ही पास कर दिए जाते हैं।

उन्होंने इस प्रकार भेदभाव किए जाने को लेकर और किस कानून के तहत यह नक्शे पास किए गए हैं उसको लेकर नगर परिषद की अध्यक्षा से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। अब आपको बताते हैं कि क्या है नियम। शहर में बस स्टेंड से लेकर पेट्रोल पंप होते हुए दिल्ली गेट से लेकर गुन्नूघाट होते हुए वापिस बस स्टेंड तक जितना भी ऐरिया आता है उसका फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) कुल प्लाट 1.75 होना चाहिए। जबकि इससे बाहर वाले ऐरिया में जो भी फ्लैट या बहुमंजिला मकान बनाया जाएगा, उसका सेट बैक 2.50 मीटर का होना चाहिए। यहां पर ओपन स्पेस के आधार पर ही नक्शा पास किया जा सकता है।

मगर सवाल यहां यह खड़ा होता है कि बाजार, बिला राउंड, यशवंत विहार, पूर्वीया का बाग और शहर के कई स्थानों पर जो फ्लैट और बहुमंजिला मकान बनाए जा रहे हैं, उनमें अधिकतर में एफएआर के नियमों की बुरी तरह धज्जियां उड़ाई गई हैं। बावजूद इसके नक्शे पास कर दिए गए हैं। हैरानी की बात तो यह है कि अधिकतर फ्लैट बनाकर बेच भी दिए गए हैं और कई फ्लैट ऐसे भी हैं जिनका कर्मिशियल यूज किया जा रहा है। इससे भी ज्यादा चौंका देने वाली बात सामने आई है उसमें इन बहुमंजिले फ्लैटों में लिफ्ट का प्रोविजन रखा ही नहीं गया है। जबकि पांच मंजिल तक के भवन के नक्शे को पास करने के लिए भवन में लिफ्ट का प्रोविजन होना जरूरी है।

सवाल तो यही भी उठता है कि आखिर इन भवनों को एनओसी जारी कर बिजली और पानी के कनेक्शन कैसे दे दिए गए। अब आपको यह भी बता दें कि अवैध निर्माण को लेकर माननीय उच्च न्यायालय हिमाचल प्रदेश द्वारा बड़ा सख्त रवैया अपनाया गया था, जिसके बाद बहुत सारे अवैध निर्माणों को गिरा दिया गया था। यहां यह भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि इस अवैध निर्माणों को गिराए जाने में पिक एंड चूज किया गया। शहर में अभी भी ऐसे अवैध निर्माण हैं जिनमें हल्की-फुल्की छेड़छाडक़र कागजी कार्रवाई का पेट भर उन अवैध निर्माणों को नहीं गिराया गया है।

उधर, नगर परिषद अध्यक्ष श्यामा पुंडीर और उपाध्यक्ष अविनाश गुप्ता ने कहा कि अभी उन्होंने नया कार्यभार संभाला है। नगर परिषद में बहुत सारी अनियमितताओं को लेकर वे लगातार जांच कर रहे हैं। शहर के इन बहुमंजिले भवनों और फ्लैट्स को अगर नियमों को दरकिनार कर नक्शे पास किए गए हैं तो निश्चित ही कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो भी अवैध निर्माण हुए हैं, उनकों कानून के दारे में लाकर कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। नगर परिषद में जिस किसी भी अधिकारी ने कही भी कोई गड़बड़ की होगी उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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