पांवटा में चोरो के हौसले बुलंद बदली रणनीति, रात की जगह दिन को दे रहे है अंजाम

पांवटा में चोरी की घटना में चोरो का हाथ या फिर कोई घर का भेदी लंका का चोर

HNN News/ पांवटा साहिब

पांवटा साहिब में लगातार बढ़ती चोरियों के पीछे एक बड़ा खुलासा यह हुआ है कि शातिरों ने रात को चोरी की रणनीति को बदलकर दिन में वारदातों को अंजाम देना सुरक्षित माना है। यही वजह है कि पिछले कुछ समय से हुई दर्जनों चोरी की वारदातों में पांवटा पुलिस ने रात को हुई चोरियों का खुलासा तो किया है मगर दिन में हुई एक भी चोरी का खुलासा कर पाने में पांवटा पुलिस अभी तक कामयाब नहीं हो पाई है।

बीते कल सोमवार को फिर से पांवटा साहिब में चोरों ने दिन के समय बड़े ही शातिराना अंदाज में एक बड़ी चोरी को अंजाम दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार शातिर चोरो ने दिन के समय वार्ड नंबर 2 बद्रीपुर चौंक के निकट में सेंधमारी करते हुए तिजोरी तोड़ कर 9 लाख 8 हजार की नकदी पर हाथ साफ किया है।

अब सवाल यह भी उठता है कि यह मामला एक बड़ी चोरी का यानि कंपनी के पैसे का तिजोरी को तोड़कर हाथ साफ़ करने का है। जिस तरीके से तिजोरी को खोला गया है वह तरीका चोरो की चोरी को अंजाम देने का तरीका नहीं लगता है। ऐसे में संभवतः कंपनी के ही कथित कर्मचारियों के द्वारा चोरी की घटना को अंजाम दिए जाने से भी इंकार भी सकता है। बरहाल पांवटा की शातिर पुलिस इस वारदात पर पूरी तरह सक्रीय है, मामले की बड़ी गहनता से जांच भी कर रही है।

जानकारी तो यह भी मिली है कि चोरो ने सिंडिकेट सिस्टम के तहत अपनी रणनीतियां तैयार की है। सूत्रों की माने तो चोरो के अलग अलग गैंग इकठ्ठा हो चुके है जिनमे सदस्यों की अदला बदली के साथ योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम दिया जाता है।

जानकारी तो यह भी मिली है कि चोरो का दूसरे राज्यों के गिरोहों के साथ तालमेल हो चुका है जिसमे वारदात को अंजाम देने के बाद गैंग राज्य को छोड़कर दूसरे राज्य में पनाह ले लेता है उसी दौरान पनाह देने वाला गैंग उस राज्य में न आकर किसी दूसरे राज्य के गैंग को एरिया दे देता है।

इसके पीछे बड़ी वजह यह बताई जा रही है कि अगर अगला ग्रुप वारदात को अंजाम देने के दौरान पकड़ा जाता है तो वह पहले वाले ग्रुप की रिमांड के दौरान जानकारी दे पाने में सफल न हो पाए।

अब जो पांवटा में सोमवार को चोरी की वारदात को अंजाम दिया है वह एक सेटिंन क्रेडिट केयर नेटवर्क लिमिटेड कंपनी का कार्यालय है। संभवतः जिस ग्रुप ने इस कार्यालय की रेकी की होगी वारदात को अंजाम उसके द्वारा न देकर दूसरे ग्रुप के द्वारा यह अंजाम दिया गया होगा।

चूँकि रात के समय पुलिस का पहरा बड़ा सख्त रहता है। यही नहीं चोकीदार भी ड्यूटी पर होते है। ऐसे में संदिग्ध अवस्था भी चरो के लिए घातक रहती है। लिहाजा दिन के समय सामान आदि बेचने के बहाने यह ग्रुप रेकी करता है और वर्किंग पैनल को अपडेट करता है।

जाहिर है अब पांवटा पुलिस को भी अपनी योजनाओं में बदलाव लाने पड़ेंगे तभी यह गिरोह हत्थे चढ़ सकता है। उधर SHO पांवटा संजय कुमार ने बताया कि पुलिस इस मामले में बड़ी गहनता से जाँच कर रही है। पुलिस दो एंगल पर जांच की दिशा को बनाए हुए है अमानत में खयानत या फिर चोरी। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द इस चोरी की घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।

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