पांवटा साहिब काला आम बद्दी सहित प्रदेश के 7 शहरों में नहीं चलेंगे 20 साल पुराने वाहन

HNN News

हिमाचल प्रदेश के 7 शहर देश के 110 प्रदूषित हवा वाले शहरों में शामिल हुए हैं। लिहाजा हिमाचल प्रदेश राज्य पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने एक एक्शन प्लान बनाया है।

क्या है एक्शन प्लान

असल में राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल ने हाल ही में प्रदेश के 7 शहर जिनमें बद्दी ,काला आम ,पौंटा साहिब ,डमटाल, सुंदरनगर ,परमाणु ,नालागढ़ को देश के 102 प्रदूषित शहरों की सूची में दर्शाया है। लिहाजा एनजीटी ने शहरों की हवा में प्रदूषण की मात्रा को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा है।

एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग कमेटी का गठन कर एक्शन प्लान तैयार किए जाने के आदेश जारी किए गए हैं। उसी के तहत प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपना एक्शन प्लान तैयार किया है। इसके तहत अब जिन शहरों में वायु प्रदूषण ज्यादा बताया गया है वहां पर 20 साल पुराने वाहनों पर प्रतिबंध लग जाएगा।

पोलूशन कंट्रोल बोर्ड ने इसके लिए परिवहन विभाग को दिशा निर्देश दिए । बोर्ड ने कहा है कि पुराने वाहनों पर रोक के अलावा प्रदूषण जांच केंद्र प्रभावी ढंग से काम करें उन्हें अपडेट करने के लिए भी कहा गया है। पोलूशन कंट्रोल बोर्ड ने इसके अलावा लोक निर्माण विभाग शहरी विकास तथा इंडस्ट्री डिपार्टमेंट को भी प्रदूषण पर कैसे नियंत्रण किया जाए उस पर योजना बनाने के लिए कहा है।

इंडस्ट्री और सीमेंट प्लांट के प्रदूषण को कम करने के प्रयास भी उद्योग विभाग करेगा। एक्शन प्लान में शामिल इन शहरों में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग भी नहीं लगाए जा सकेंगे ऐसा भी बताया गया है। इन 7 शहरों में लोक निर्माण को सड़कों के किनारे कच्चे हिस्से को भी पक्का करने के लिए कहा गया है। निकासी की नालियां बरसात में कचरा प्रबंधन किए जाने के भी आदेश शामिल है।

एनजीटी द्वारा जारी गाइडलाइन के बाद पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा खेती के दौरान वेस्ट उत्पादों को जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए सुझाव दिया है। जिसमें वेस्ट को जलाने से अच्छा उसका कंपोस्ट बनाने के लिए प्रोजेक्ट तैयार करने का प्लान शामिल किया है।

उधर साइंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट एडीशनल सेक्रेट्री आरडी धीमान ने एक्शन प्लान की पुष्टि करते हुए बताया कि इन 7 शहरों में इंडस्ट्री से प्रदूषण कम है जबकि सड़क पर चलने वाले वाहनों से ज्यादा प्रदूषण हो रहा है। हमने हिमाचल प्रदेश से एक्शन प्लान तैयार कर एनजीटी को भेज दिया है।

उधर जिला सिरमौर पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के प्रमुख अभियंता श्रवण कुमार ने बताया कि बोर्ड ने एक्शन प्लान के अनुरूप कार्य करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि उद्योगों से केवल 6 फ़ीसदी ही प्रदूषण पाया गया है। जबकि सड़कों पर चलने वाले वाहनों तथा जाम के दौरान गाड़ियों का इंजन स्टार्ट रहना वायु प्रदूषण को दूषित करता है।

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