पुराने हिसाब-किताब हुए चुकता, लोकतंत्र है बुरा नहीं मानना चाहिए :जयराम ठाकुर

सेरी मंच पर मुख्‍यमंत्री की जनसभा में स्‍थानीय विधायक अनिल शर्मा भी पहुंचे

HNN News/ मंडी

मंडी में सेरी मंच पर मुख्‍यमंत्री की जनसभा में स्‍थानीय विधायक अनिल शर्मा भी पहुंचे। इस दौरान अनिल शर्मा ने कहा आठ महीने से अधिकारी व कर्मचारी मेरे पास नहीं आते हैं। उन्‍होंने सीएम से आग्रह किया मुझे दो साल मौका दें। अधिकारियों को निर्देश दें मेरे साथ बैठक करें, मेरे पास कई योजनाएं हैं। इस पर मंडी कुल्‍लू के सांसद रामस्‍वरूप शर्मा समेत आइपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने अनिल शर्मा को खूब खरी खरी सुनाई। महेंद्र ठाकुर ने कहा 1962 से अब तक अनिल शर्मा को किसने रोका था। 60 व 27 वर्ष में जो नहीं किया दो साल में क्या करेंगे।

मंडी का मुख्यमंत्री बन रहा था तो अनिल शर्मा प्रेम कुमार धूमल का गुणगान करते रहे। अनिल शर्मा मौसमी वैज्ञानिक हैं। स्कूलों में मौसम विज्ञान विषय शुरू करने पर विचार करें मुख्यमंत्री और अनिल को हेडमास्टर रखें। लोकसभा चुनाव में दादा-पोते की जोड़ी बन गई। दो पुजारी लाल मिर्च का हवन कर जयराम को कमजोर करते रहे।

पुराना हिसाब-किताब चुकता हुआ : जयराम
मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा बात निकली तो दूर तक गई, पुराने हिसाब-किताब चुकता हुए। लोकतंत्र है बुरा नहीं मानना चाहिए। मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई, लोकसभा चुनाव के दौरान सुखराम परिवार को ऐसा नहीं करना चाहिए था। मैं जैसा हूं, वैसा ठीक हूं। हिमाचल की रूह में उतर कर काम कर रहा हूं। सहजता सरलता व आदर मेरा स्वभाव यही हिमाचल की रूह है।

छोटी काशी अब किसी की गुलाम नहीं रही : रामस्‍वरूप
उधर, रामस्‍वरूप शर्मा ने कहा लोग विकास का इंतजार करते हैं आशा का नहीं। अनिल पर पलटवार करते हुए कहा पार्टी छोड़ने वालों को कोई नहीं पूछता। छोटी काशी अब किसी की गुलाम नहीं रहेगी। भाजपा के मंडल अध्यक्ष के पास तो हर अधिकारी आते हैं। अब रोने से कुछ नही होगा।

यह है पूरा मामला
अनिल शर्मा 2017 विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर जीते थ। इससे पहले वह कांग्रेस सरकार में भी मंत्री रहे थे। लेकिन ऐन मौके पर उन्‍होंने भाजपा का दामन थामा और चुनाव जीत गए व मंत्री पद भी पा लिया। लेकिन लोकसभा चुनाव के दौरान उन्‍होंने पुत्र मोह में मंत्री पद त्‍याग दिया। अनिल शर्मा ने पहले पुत्र आश्रय शर्मा के लिए भाजपा का टिकट मांगा, लेकिन पार्टी से टिकट नहीं मिला।

इस पर वह दिल्‍ली से कांग्रेस का टिकट लेकर चुनाव में उतर आए थे। लोकसभा चुनाव में पुत्र की हार के बाद अब अनिल शर्मा फ‍िर से भाजपा सरकार का हिस्‍सा बनने की फ‍िराक में लगे हैं। लेकिन सोमवार को सेरी मंच पर उन्‍हें पार्टी नेताओं ने खूब खरी खरी सुना दी।

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