पैसे नहीं है तो क्या हम हैं ना तुम्हारे साथ !सोलन के युवा व्यापारियों की बड़ी पहल

कर्फ्यू में मिली ढील मगर इन मजदूरों की जेब थी खाली, हालात देख सोलन के इन युवा व्यापारियों ने निभाया सामाजिक दायित्व

HNN न्यूज़ सोलन

नजारा कुछ ऐसा था कि कर्फ्यू ढील के दौरान कुछ युवा व्यापारी अपनी दुकानों का सामान बेच रहे थे। तभी उन्होंने खुंडिधार मे रह रहे कुछ परवासी झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले मजदूरों को मायूस चेहरों के साथ देखा।

युवा व्यापारी अक्षय गुप्ता ईशांत राज्यपाल मनीष अरोड़ा साहिल वर्मा शुभम बंसल आदि ने जब इनसे राशन ले लेने के बारे में पूछा तो कुछ चेहरों की आंखों में गीलापन देख यह युवा समझ गए कि संभवत उनकी जेब में पैसा नहीं है।

एक और जहां देश और दुनिया भीषण संकट के दौर से गुजर रही है तो वही इन गरीब मजदूरों के चूल्हे भी ठंडे होने शुरू हो गए हैं। मगर सोलन शहर के इन युवा व्यापारियों ने जो आज मानवता की बड़ी मिसाल कायम की है उसकी जितनी प्रशंसा की जाए संभवत कम होगी।

इन युवा व्यापारियों ने अपने साथी प्रतीक कोहली सागर साहनी गौरव साहनी सुमित गुप्ता के साथ मिलकर अपनी अपनी दुकानों से राशन इकट्ठा किया और इन गरीब परिवारों के घरों में राशन बांट कर आए।

नर सेवा को नारायण सेवा करार देते हुए इन युवा व्यापारियों ने इन परिवारों को 15 दिन का राशन देकर इनके चेहरों पर खुशी तो दी ही साथ ही इन्हें कोरोना जैसी महामारी के संक्रमण की बाबत जानकारी भी दी।

युवा व्यापारियों ने इनसे केवल एक ही निवेदन किया कि वे 21 दिनों तक अपने घरों में ही रहे किसी से मिलने जुलने बिल्कुल मत जाएं और साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें। सुमित गुप्ता ने बताया कि राशन के पैसों की एवज इन्होंने इनसे केवल एक ही वचन लिया कि वह घर से बाहर नहीं जाएंगे।

वही सोलन व्यापार मंडल के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता व अन्य व्यापारियों ने इन युवा व्यापारियों बाहर ना निकलने की शर्त के एवज में मुफ्त राशन का जो सामाजिक कार्य किया है उसके लिए उन्हें बधाई दी है।

इन युवा व्यापारियों ने प्रदेश सरकार को आश्वस्त करते हुए कहा कि वह इस संकट की घड़ी में उनके हर प्रयासों में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होंगे।

बरहाल इस संकट की घड़ी में जिस प्रकार इन युवाओं के द्वारा मुसीबत का फायदा उठाते हुए कमाई ना करते हुए मानवता की जो अनूठी मिसाल पेश की है वह अन्य व्यापारी वर्ग के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत है। यह संकटकाल है 1 दिन निश्चित ही टल जाएगा। और बड़ी बात तो यह है कि पैसे के बदले राशन नहीं सिर्फ बाहर ना निकले इस वचन के साथ राशन देने का जो यह फार्मूला इन युवाओं ने अपनाया है वह वास्तव में काबिले तारीफ है।

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