जिला सिरमौर प्रशासन की पॉलीब्रिक से मिली प्रेरणा ; बना दिया प्लास्टिक कचरे का डंगा

HNN News / शिमला

जिला सिरमौर प्रशासन के प्लास्टिक उन्मूलन कार्यक्रम की सफलता प्रदेश में भी नजर आने लग पड़ी है। पॉलीथिन प्लास्टिक कचरा से बनाई गई पॉलीब्रिक का कॉन्सेप्ट जिला सिरमौर के डीसी डा. आर के परुथी द्वारा किया गया है। इस पॉलीब्रिक से जहां प्लास्टिक कचरा का उन्मूलन होता है वहीँ इसका ऐसा सदुपयोग भी हुआ है कि इन पॉलीब्रिकस से ट्रीपोर्ट, बेंच, गमले तथा दीवार आदि बनाई जा रही है।

मगर शिमला नगर निगम आयुक्त पंकज राय को सेंट बीड्स कॉलेज शिमला की कुछ छात्राओं ने करीब छह महीने पर रैपर भरी प्लास्टिक की बोतलें सौंपी थीं। आयुक्त ने निगम की रोड एंड बिल्डिंग शाखा के अधिकारियों के साथ बैठक कर पैरापिट में इनका इस्तेमाल किया। पहले चरण में इस तकनीक का प्रयोग उन डंगों में किया जाना है, जहां सड़क को चौड़ा किया जाएगा।

पॉलीब्रिक से बनाए गए डंगो की लाइफ पत्थरो व ईंटो से ज्यादा मजबूत मानी गई है। जिला सिरमौर के उपायुक्त डॉ. आरके परुथी का कहना यह भी है कि प्लास्टिक की खाली बोतल को खुले में न फेंक कर प्लास्टिक की दो बोतल रसोईघर में और दो बोतल बाथरूम जिसमे सेग्रीगेशन करके प्लास्टिक व् सर के बालो को प्लास्टिक की बोतल में ठुस ठुस कर भरे।

बड़ी बात तो यह है कि इस बोतल में प्लास्टिक को टाइट भरने के लिए प्रशासन ने एक उपकरण भी तैयार किया है। उस उपकरण की सहायता से बोतल पत्थरो से भी ज़्यादा मजबूती पा जाती है। बस इसी कॉन्सेप्ट को समझते हुए पंकज राय द्वारा प्लास्टिक से डंगा बना दिया है।

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