प्याज़ के बाद अब सीजनल सब्जियों के दाम भी छूने लगे आसमान

प्राइज मार्केटिंग एंड डिस्प्ले आर्डर को लेकर सरकार ने नहीं जारी की है अधिसूचना, रेट लिस्ट को लेकर कोई भी कार्यवाही कर पाने में विभाग है लाचार

HNN News/ नाहन

एक ओर जहां प्याज 70 से 80 रुपए किलो बिक रहा है। वहीं दूसरी ओर सीजनल सब्जियों के दाम भी आसमान छूने लग पड़े है। महंगाई को लेकर ग्रहणियों की रसोई पर बढे हुए दाम डाका डाल रहे है।

मटर जहां पहले 20 से 25 रूपए बिका करता था यह 60 से 80 रूपए प्रति किलो के पार पहुँच चुका है। मंडी में बिकने वाली 5-10 रूपए की सब्जियों के भाव में 30 से 40 रूपए का इज़ाफ़ा हुआ है। यानी कहा जा सकता है कि हरी सब्जियां आम परिवारों से कोसो दुर होती जा रही है।

बाजार में बिकने वाली हरी सब्जियां काफी महंगी हो चुकी है। जबकि यही सब्जियां मंडी से सब्जी विक्रेता काफी कम दामों पर लेकर आते है। जिला सिरमौर को हरी ताज़ी सब्जियों के लिए भी जाना जाता है। मगर इस जिले के शहरी लोगो को हरियाणा की मंडियों की सब्जियां खानी पड़ती है। मनमर्जी से वसूले जाने वाले दामों को लेकर खाद्य आपूर्ति विभाग न तो इसपर कोई नकेल कस पा रहा है और न ही प्रशासन कोई सख्ती देखा रही हैं।

बताया तो यह भी जा रहा है कि बड़े दुकानदारो ने प्याज़ को गोदामों में ठप करके रख दिया है। जैसे ही प्याज़ 100 का आंकड़ा पार करेगा जामाखोरी करने वाले दुकानदार इस प्याज़ को भी बाहर निकाल लेंगे। शहरों में गिने चुने दुकानदारों के पास ही सब्जियों आदि की रेट लिस्ट लगी है।

अन्यथा बगैर रेटलिस्ट के मनमर्जी के दामों पर सब्जियां व फल बेचे जा रहे है।

उधर, खाद्य आपूर्ति मामले विभाग की एफ.एस.ओ पवित्रा का कहना है कि हम अधिकारी रेट लिस्ट को लेकर प्राइज़ मार्किटिंग एवं डिस्पले ऑर्डर के तहत ही कार्यवाही कर सकतें है। मगर, सरकार ने फिलहाल इस नियम को निष्क्रिय अवस्था में रखा है। लिहाज़ा न तो यह नियम लागू है,और ना ही खत्म है। हम इसपर कोई कार्यवाही नहीं कर सकते है। विभाग मौजूदा समय रेट लिस्ट बढे हुए दाम को लेकर कोई कार्यवाही नहीं कर सकता है।