प्रदेश सरकार की योजनाएं लोगों के लिए बन रही वरदान, एक साल में कमाया डेढ़ लाख का मुनाफा

HNN / ऊना

ऊना जिला के बंगाणा उपमंडल के अंर्तगत पड़ते गांव नेरी ग्राम पंचायत बुधान के नरेश कुमार ने कोरोना संकट के बीच गाड़ी चलाने का कार्य छोड़कर सुअर पालन का व्यवसाय अपनाया और आज बेहतर ढंग से अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। नरेश बताते हैं ”पशु पालन विभाग के अधिकारियों ने मुझे सूअर पालन के लिए प्रोत्साहित किया। गत वर्ष मात्र 1050 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से दो यूनिट सूअर लिए थे, बाकी की धनराशि सरकार ने सब्सिडी के रूप में दी। वर्तमान में वह 65 सूअरों का पालन कर रहे हैं।

इसके अलावा उन्होंने 40 सूअरों की सेल भी की है, जिससे उनको लगभग डेढ़ लाख रूपये का शुद्ध मुनाफा हुआ है।”सूअर पालन योजना के तहत एक यूनिट लेने के लिए किसान को बहुत कम धनराशि खर्च करनी पड़ती है। इस योजना के तहत किसान को लागत का केवल 5 प्रतिशत खर्च ही वहन करना है। सूअर पालन के लिए नब्बे प्रतिशत सब्सिडी केंद्र सरकार तथा 5 प्रतिशत सब्सिडी प्रदेश सरकार की ओर से दी जा रही है।

प्रत्येक लाभार्थी को तीन मादा तथा एक नर सूअर उपलब्ध करवाया जाता है, बाजार में जिनकी कीमत लगभग 17 हज़ार रुपए है। इसके अलावा किसान को चार हज़ार रुपये की दवाएं‚ फीड तथा आवश्यक उपकरण भी साथ प्रदान किए जा रहे हैं।  नरेश कुमार ने कहा “पशुपालन विभाग सुअर पालन में काफी सहयोग दे रहा है। विभाग के अधिकारी समय-समय पर आकर निःशुल्क दवाईयां, फीड व अन्य उपकरण उपलब्ध करवाते हैं। अब मुझे शेड बनाने के लिए भी डेढ़ लाख रूपये स्वीकृत हो चुके हैं।

जिसके लिए ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर का धन्यवादी हूं।” उन्होंने बेरोजगार युवाओं को सरकार के माध्यम से चलाई जा रही स्वरोजगार की योजनाओं का लाभ लेकर अपनी आमदनी बढ़ाने की अपील की है ताकि वह भी आत्मनिर्भर बन सकें।

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