प्रधान मंत्री आदर्श ग्राम योजना और मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम योजना में विकसित होंगे जिले के 27 गाँव

इस वर्ष विभिन्न पेंशन योजनाओं पर खर्च होगी 30 करोड़ 61लाख रुपए की राशि

HNN/ चंबा

प्रधान मंत्री आदर्श ग्राम योजना और मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत चंबा जिला के विभिन्न क्षेत्रों में मॉडल गांव विकसित किए जाएंगे। योजनाओं के तहत बनने वाले मकानों का एक जैसा डिजाइन रहेगा ताकि इस तरह के गांव के मकानों में एकरूपता नजर आए। विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज में यह बात आज बचत भवन में आयोजित जिला कल्याण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। बैठक में चंबा के विधायक पवन नैयर, जिला मार्केट कमेटी अध्यक्ष डीएस ठाकुर और उपायुक्त विवेक भाटिया ने भी भाग लिया।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत चंबा तहसील के सरोल, हरिपुर, रिंडा, खजियार, सुन्गल, नहुईं, राजपुरा, गरौर, ककियां, टिकरी, कलोड़, सलोह, कुरांह और मला, जबकि चुराह तहसील के शनतेवा और सत्यास गांव शामिल हैं।इसी तरह सलूणी तहसील का बचूनी और डलहौजी तहसील का कालाटोप भी इस योजना में है। मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम योजना में चंबा विधानसभा क्षेत्र के पद्धर और ऊटीप, भटियात विधानसभा क्षेत्र के तारागढ़ और तुन्नुहट्टी, डलहौजी विधानसभा क्षेत्र के वांगल और बाड़का जबकि चुराह विधानसभा क्षेत्र के चिह और खजुआ शामिल किए गए हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि इन योजनाओं के तहत प्रत्येक गांव को 30 लाख रूपए की राशि मिलेगी। जबकि इसके अलावा मनरेगा व अन्य विभागीय फंडों की कन्वर्जंस भी की जाएगी ताकि आदर्श गांव विकसित करने के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध रहे। विधानसभा उपाध्यक्ष ने विभागीय फील्ड अधिकारियों को कहा कि जब तक वह लोगों तक अपनी पहुंच नहीं बनाएंगे तब तक योजनाओं व स्कीमों का पूरा लाभ सभी पात्र व्यक्तियों तक पहुंचना सुनिश्चित नहीं हो सकता है।

अधिकारी ऐसी व्यवस्था कायम करें कि लाभार्थी को कार्यालयों में आने की नौबत ही ना रहे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस वर्ष अक्टूबर से सामाजिक सुरक्षा पेंशन को लेकर एक नई व्यवस्था लागू करने वाली है जिससे लाभार्थी ऑनलाइन ही अपना आवेदन दे सकता है। इसके अलावा वह यह भी जान सकता है कि उसके आवेदन का स्टेटस क्या है। राज्य सरकार इस ऑनलाइन व्यवस्था को पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के दृष्टिगत शुरू कर रही है।

उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष के दौरान चंबा जिला में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन, विधवा पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन, विकलांग राहत भत्ता और कुष्ठ रोगी पुनर्वास भत्ता पर 30 करोड़ 61 लाख रुपए की राशि खर्च की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष 40254 पेंशनर लाभान्वित होंगे जिनमें 70 वर्ष से अधिक आयु के 18382 पेंशनर भी शामिल हैं। विधानसभा उपाध्यक्ष ने कहा कि यह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के ऐतिहासिक फैसले का नतीजा है कि आज सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लंबित मामले नहीं है। राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा को वह अपनी उच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया हुआ है।

चालू वित्त वर्ष के दौरान केवल 112 पेंशन के नए मामले विभाग को प्राप्त हुए हैं जिन्हें आने वाले समय में पैंशन प्रदान कर दी जाएगी। विकलांग छात्रवृत्ति योजना का जिक्र करते हुए विधानसभा उपाध्यक्ष ने बताया कि इस योजना के तहत पहली कक्षा से लेकर स्नातकोत्तर और व्यवसायिक शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को वजीफा देने की सुविधा है और यह राशि 625 रुपए मासिक से लेकर अधिकतम 3750 रुपए तक तय की गई है। जबकि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए यह छात्रवृत्ति 1875 से शुरू होकर 5000 रुपए तक की है। महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा के बाद विधानसभा उपाध्यक्ष ने कहा कि गत वर्ष मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत है चंबा जिला की 101 लाभार्थियों को 51-51 हजार रुपए की वित्तीय सहायता मुहैया की गई।

उन्होंने बताया कि इस योजना में चालू वित्त वर्ष के लिए 59 लाख 59 लाख रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। मदर टेरेसा असहाय मात्री संबल योजना में भी 1518 महिलाओं और बच्चों को लाभान्वित किया गया और इस पर 74 लाख 50 हजार की राशि खर्च हुई। बेटी है अनमोल योजना के तहत भी प्रथम पहले घटक में 2882 जबकि दूसरे घटक में 2321 बच्चियों को लाभान्वित किया जा चुका है। बैठक में विधानसभा उपाध्यक्ष ने विकलांग विवाह अनुदान योजना, कंप्यूटर एप्लीकेशन योजना, अनुवर्ती कार्यक्रम योजना, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना, अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अलावा विधवा पुनर्विवाह योजना और महिला स्वरोजगार योजना के कार्यान्वयन की भी समीक्षा की।