प्राकृतिक खेती को जन आंदोलन के रूप में अपनाएं किसान-बंडारू दत्तात्रेय

नालागढ़ में प्राकृतिक खेती, खुशहाल किसान योजना पर आयोजित परिचर्चा की अध्यक्षता की

HNN News/ सोलन

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने किसानों का आह्वान किया है कि वे प्राकृतिक खेती को जन आंदोलन के रूप में अपनाएं ताकि हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक खेती की दिशा में विश्व तथा देश में एक आदर्श राज्य बनकर उभरे। राज्यपाल आज सोलन जिला के नालागढ़ में ‘प्राकृतिक खेती, खुशहाल किसान योजना’ के सम्बंध में आयोजित किसान परिचर्चा को संबोधित कर रहे थे।

बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि वर्तमान में हम सभी रसायन युक्त खेती के दुष्परिणामों से परिचित हैं। इन दुष्परिणामों से बचाव के लिए प्राकृतिक खेती कारगर उपाय है। उन्होंने उपस्थित किसानों से आग्रह किया कि वे प्राकृतिक खेती के विषय में अपने आसपास के अन्य किसानों को भी जानकारी दें ताकि प्रदेश के सभी किसान प्राकृतिक खेती अपनाकर स्वयं भी इससे लाभान्वित हों और आमजन को भी पौष्टिक आहार प्रदान करने की दिशा में अग्रसर हो।

राज्यपाल ने किसानों से आग्रह किया कि वे प्राकृतिक खेती के साथ पशुपालन भी अपनाएं ताकि उनकी आय में आशातीत बढ़ोत्तरी हो सके। उन्होंने कहा कि किसान की उन्नति देश की उन्नति है और प्राकृतिक खेती जैसी लाभदायक पद्धति अपनाना समय की मांग है।

बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि कृषि विभाग एवं प्राकृतिक खेती से संबंद्ध अधिकारियों को प्रदेश में उपलब्ध कृषि योग्य भूमि का सर्वेक्षण करना चाहिए। यह सर्वेक्षण भूमि की प्रकृति एवं उपलब्ध संसाधनों के अनुसार किया जाना चाहिए ताकि किसान को भूमि के अनुरूप फसल उगाने की जानकारी दी जा सके।

उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि देसी गाय को बढ़ावा दें और प्रदेश सरकार द्वारा इस उद्देश्य के लिए प्रदान किए जा रहे उपदान का समुचित लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि परिचर्चा में किसानों द्वारा उठाई गई समस्याओं को प्रदेश सरकार तक पहुंचाया जाएगा और यह प्रयास किया जाएगा कि इन समस्याओं का उचित निराकरण किया जा सके।

राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में 46 हजार से अधिक किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। सोलन में यह आंकड़ा 2700 से अधिक है। उन्होंने आशा जताई कि आने वाले समय में प्रदेश के सभी किसान पूर्ण रूप से प्राकृतिक खेती को अपनाएंगे।

प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के परियोजना निदेशक एवं विशेष सचिव कृषि राकेश कंवर ने राज्यपाल का स्वागत किया और योजना की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019-20 में 50 हजार किसानों को इस योजना के तहत लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

अभी तक 46286 किसानों ने प्राकृतिक खेती आरम्भ की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश एवं आंध्र प्रदेश ऐसे दो राज्य हैं जहां सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती योजना को सरकारी कार्यक्रम के रूप में कार्यान्वित किया जा रहा है।

इस अवसर पर नालागढ़ के उद्योगपति से किसान बने प्राकृतिक खेती कृषक दिनेश बंसल, कुम्हारहट्टी के यशपाल, घौणी के लाभ सिंह, जगनी के अश्वनी, मितियां के जीत सिंह, बड्डल के मलकीत सिंह सहित अन्य किसानों ने प्राकृतिक खेती के संबंध में अपने विचार साझा किए। आत्मा परियोजना के निदेशक रविंद्र जसरोटिया ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

पूर्व विधायक केएल ठाकुर, जिला भाजपा अध्यक्ष आशुतोष वैद्य, पुलिस अधीक्षक बद्दी रोहित मालपाणी, उपमंडलाधिकारी नालागढ़ प्रशांत देष्टा सहित कृषि विभाग के अधिकारी एवं 40 से अधिक किसान परिचर्चा में उपस्थित थे।

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