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बेटा यदि तन है तो बेटी मन है- भगवती उषा ने खोला राम कथा में एक बड़ा राज….

संस्कार युक्त शिक्षा का केंद्र बिंदु है जिला सिरमौर का जमटा स्थित एकल विद्यालय संस्थान

HNN News नाहन

जिला मुख्यालय नाहन के अंतर्गत जमटा स्थित मां बाला सुंदरी मंदिर में भव्य राम कथा का आयोजन हुआ। इस राम कथा का आयोजन नया बाजार संस्था नाहन के द्वारा आयोजित करवाया गया था। जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने राम कथा के साथ साथ भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।

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महत्वपूर्ण बात तो इस आयोजन में यह रही कि एकल विद्यालय संस्था तथा अंचल श्री रेणुका जी संस्था से जुड़ी प्रतिभाशाली बच्चियों के द्वारा इस भव्य राम कथा का आयोजन किया गया।

जिसमें व्यास कथा वाचक भगवती उषा के द्वारा राम कथा में यह बताया गया कि बेटा और बेटी दोनों एक समान होते हैं। उन्होंने बताया कि बेटा यदि वारिस है तो बेटी पारस है, बेटा संस्कार है तो बेटी संस्कृति है, बेटा यदि वंश है तो बेटी अंश है।

रामकथा के इस गहन रहस्य को उन्होंने उपस्थित भक्त मंडल समूह को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्री राम इसलिए भी श्रेष्ठ पुरुष माने जाते हैं क्योंकि उन्होंने बहुविवाह प्रथा की जगह एकल विवाह प्रथा को मान्यता दी थी।

भगवान राम बेटा और बेटी में कोई फर्क नहीं समझते थे। रामराज में बेटियों का क्या महत्व हुआ करता था बेटियां कितनी अनमोल हुआ करती थी उसके बारे में भी व्यास कथा वाचक उषा ने विस्तार से समझाया।

कथा वाचन के दौरान भगवती उषा के साथ भगवती अर्चना भगवती अंजना भगवती मनचना, भगवती अलीशा ने भजनों के माध्यम से संस्कारों के महत्व को भी समझाया।

व्यास कथा वाचक उषा का कहना है कि हमारे भारतवर्ष में बेटियों का बड़ा महत्व है बचपन में उनकी पूजा साक्षात भगवती का अवतार मानकर की जाती है। उनको चुन्नी चूड़ियां आदि भेंट कर भारतीय संस्कृति में संस्कारों के महत्व का समावेश कैसे किया जाए यह भी उन्होंने समझाया।

भगवती उषा का कहना है कि पूरी दुनिया में भारत एकमात्र ऐसा राष्ट्र है जो कि एक स्त्री के महत्व को साक्षात कराता है। क्योंकि भारत को भारत माता कहा जाता है। इसीलिए भारतीय बेटियों का संस्कार पाश्चात्य ना होकर हमारी संस्कृति और हमारे विशेष परिधान से युक्त होना चाहिए।

मनमोहिनी अंदाज में राम कथा के बखान के दौरान उपस्थित जनसमूह मंत्रमुग्ध होकर इस नन्ही बच्ची के मुंह से निकले हर शब्द को देव स्वरूप मानते हुए साधुवाद भी कर रहा था।

उधर नया बाजार संस्था द्वारा आयोजित इस रामकथा के लिए जनसमूह ने आभार व्यक्त किया। नया बाजार संस्था के द्वारा आयोजित किए गए विशाल मां के भंडारे में कन्या पूजन के साथ साथ कीर्तन का भी आयोजन हुआ।

इस आयोजन में मुख्य रूप से संस्था नया बाजार के अध्यक्ष योगेश गुप्ता उर्फ सुक्खू भाई, सचिव किशोर सैनी तरसेम चंद सहित सहरसा के तमाम कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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