मंगलवार को 4GR के पुनर्मिलन सम्मरोह में पहुंचे ब्रिगेडियर H.S. संधू

कार्यक्रम की शुरुआत से पहले शहीदों के सम्मान में शहीद समारक पर हुए सैनिक इकठ्ठा

HNN News/ सोलन

देश की सेवा में पिछले 162 वर्ष से तैनात इसी गोरखा सेना के सुबाथू ट्रेनिंग सेंटर में मंगलवार को फोर जीआर ने पुनर्मिलन समारोह का आयोजन किया। इस सम्मेलन में पहुॅचने वाले सैकड़ों पूर्व सैनिकों व सेना अधिकारियों का स्वागत ब्रिगेडियर एचएस संधू की अध्यक्षता में किया गया।

सैनिक सम्मेलन से पहले सेंटर के शहीद स्मारक पर सभी सैनिक एकत्रित हुए। ठीक 9.50 पर आरपी सीएचएम की सीटियां बजते ही स्मारक में सन्नाटा छा गया। इस बीच ही कर्नल आफ रेजिमेंट वकील साहनी सेना मेडल एंव वशिष्ठ सेना मेडल कड़ी सुरक्षा के बीच शहीद स्मारक पर पहुंचे। सन्नाटे के बीच ही शहीदों की कुर्बानी को याद करने के लिए जलतंरग पर देश भक्ति धुन ऐ मेरे वतन के लोगों पर कर्नल आफ रेजिमेंट ने शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

जिसके बाद दूर दराज से आए पूर्व सैनिकों ने भी शहीदों को पुष्प अर्पित कर सलामी दी। इस मौके पर कर्नल आफ रजिमेंट ने 14जीटीसी की रिकॉर्ड बुक में 162 वर्षीय पुर्नमिलन समारोह का इतिहास अपने हस्ताक्षर कर दर्ज करवाया।

अचानक आवाज़ आई अबे नम्बरी पहचाना नही…
स्मारक पर शहीदों को श्रधांजली देने के बाद सुबाथू में पूर्नमिलन के लिए पहुचे पूर्व सैनिकों का मिलन सेना के एतिहासिक स्लारिया स्टेड़ियम में करवाया गया। इस दौरान देश के लिए कुर्बानी देने वाले रियल हीरो के परिजन भी उपस्थित रहे। सम्मेलन का नजारा देखने लायक रहा। आंखों पर चशमा उतार दूर से अपने पुराने मित्र को एक बुजुर्ग सैनिक आवाज लगा रहा है। अबे नंबरी पहचाना नही तभी दूसरा बुजुर्ग सैनिक अपने चशमें को उतार गौर से देखता है ओर लंबे अरसे के बाद अपने बिछड़े सैनिक दोस्त को धुंधली आंखों से पहचानते हुए जय हरी नंबरी कहते हुए गले लग जाता है। इसके बाद तो पूरे सेना मैदान में फोटो सेशन शुरू हो जाता है। चाय की चुस्कियों के साथ अलग अलग ग्रुप में सभी अपने साथियों के साथ फोटो खिचवाने में व्यस्त हो जाते है।