मक्खन पर नहीं पत्थर पर लकीर खींचने वाले हैं इसरो के वैज्ञानिक-PM मोदी

परिणाम से निराश हुए बगैर लक्ष्य की ओर बढ़ते रहें, हमें अपने वैज्ञानिकों पर पूरा गर्व है- प्रधानमंत्री

HNN News बेंगलुरु

लेंडर विक्रम के इसरो से संपर्क टूटने के बाद सुबह 8:00 बजे इसरो सेंटर पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा आर्बिटर पूरी शान से अंतरिक्ष का चक्कर लगा रहा है। संपर्क टूटा है मिशन फेल नहीं हुआ है।

हमारे वैज्ञानिकों मंगल पर भारत का झंडा सफलतापूर्वक फहरा चुके हैं। हमारे देश के यह वैज्ञानिक है जिन्होंने दुनिया में पहली बार चांद पर पानी होने के संकेत दिए हैं। हमारी व हमारे देश की उड़ान कभी कमजोर नहीं हो सकती।

प्रधानमंत्री ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि हम अमृत की संतान हैं। उन्होंने कहा कि अमृत की संतान के लिए ना कोई रुकावट है और ना ही कोई निराशा। हमें पीछे नहीं मुड़ना है हमें आगे बढ़ते जाना है अपनी कमियों को सुधारना है।

21वीं सदी में भारत के सपनों की आकांक्षाओं उपलब्धियों को कोई भी क्षणिक बाधा रोक नहीं सकती। उन्होंने कहा कि हमारा देश परिणाम से नहीं रुकता है ना झुकता है। उन्होंने वैज्ञानिकों पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि यह वह विज्ञानिक है जो मक्खन पर नहीं बल्कि पत्थर पर लकीर खींचते हैं।

उन्होंने वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि मैं यहां पर भाषण देने नहीं बल्कि अपने वैज्ञानिकों को देखने आया हूं क्योंकि आप मेरी प्रेरणा के स्रोत हो। जो की निराशा को वैज्ञानिक मन आशा में बदलकर ऊर्जावान संकल्प वान बनाता है।

अंत में भारत माता की जय के साथ उन्होंने आगे बढ़ने का संकेत दिया। सभी वैज्ञानिकों से रूबरू होते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसी भी तरह से रुकने की जरूरत बिल्कुल नहीं है।