मेले बने लोगों की सोच में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम-डॉ. सैजल

HNN News/ सोलन

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने कहा कि हमें अपने मेलों व उत्सवों को लोगों की सोच में विकास के लिए सकारात्मक परिवर्ततन लाने का माध्यम बनाना होगा।

डॉ. सैजल आज कसौली विधानसभा क्षेत्र के पट्टा बरौरी ग्राम में दो दिवसीय प्राचीन दुर्गा माता मेला के समापन अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।

डॉ. सैजल ने इस अवसर पर स्थानीय मंदिर में पूजा-अर्चना की और सभी के उत्तम स्वास्थ्य, समृद्धि एवं मंगल की कामना की। डॉ. सैजल ने कहा कि वर्तमान समय में अपने गांव, शहर, प्रदेश तथा राष्ट्र को स्वच्छ रखना और युवाओं को नशे से दूर रखना महत्वपूर्ण है।

हम सभी को अपने मेलों एवं उत्सवों में जहां जन-जन को स्वच्छता एवं नशोखारी से बचने का संदेश देना होगा वहीं सभी को इस दिशा में प्रतिज्ञबद्ध भी करवाना होगा।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता एवं स्वास्थ्य एक-दूसरे के पूरक हैं। सभी को यह समझना होगा कि अपने आवास के साथ-साथ अपने परिवेश को स्वच्छ रखना भी आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि यदि हम सभी अपने परिवेश को स्वच्छ रखेंगे तो हमारा प्रदेश एवं राष्ट्र पूर्ण रूप से स्वच्छ रहेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर मन, कर्म एवं वचन से स्वच्छता को अपनाना उन्हें सच्ची श्रद्धाजंलि होगी।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि इन आयोजनों के माध्यम से युवा पीढ़ी को सभी प्रकार के नशों से दूर रहने की सीख देनी होगी। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य शिक्षित एवं स्वस्थ युवाओं पर निर्भर करता है।

इसके लिए आवश्यक है कि युवाओं को सभी प्रकार के नशों से दूर रखा जाए। इस दिशा में समाज के सभी वर्गों, अभिभावकों तथा अध्यापकांे को मिलकर कार्य करना होगा।

उन्होंने कहा कि मेले व त्यौहार हमारी समृद्ध संस्कृति के परिचायक हैं तथा इनसे आपसी भाईचारे की भावना भी सुदृढ़ होती है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि मेलों एवं त्योहारों की मूल भावना को समझें और अपनी संस्कृति का संरक्षण एवं प्रचार सुनिश्चित बनाएं।

डॉ. सैजल ने इस अवसर पर आयोजित कुश्ती, कबड्डी तथा वॉलीबाल प्रतियोगिताओं का आनंद भी उठाया। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित भी किया।

वॉलीबाल प्रतियोगिता में 15 तथा कबड्डी की प्रतियोगिता में 10 टीमों ने भाग लिया। इस अवसर पर गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।