रंग-बिरंगे विदेशी परिंदों के पहुंचने से लारजी झील गुलज़ार

HNN/ कुल्लू

विदेशी परिंदे हिमाचल प्रदेश की झीलों और जलाशयों के मुहानों पर पहुंचकर चहचहाने लगे हैं। आसपास के इलाकों में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय मेहमान परिंदों का कलरव और अठखेलियों का विहंगम दृश्य पक्षी प्रेमियों के लिए आकर्षण बना हुआ है। दरअसल, कई देशों से शीतकालीन प्रवास पर सूबे की पौंग झील, गोबिंदसागर झील, पंडोह डैम और समीपवर्ती नंगल डैम झील पहुंचने वाले विदेशी परिंदों को अब लारजी झील भी भाने लगी हैं।

लारजी झील में सर्दियों का मौसम शुरू होते ही कई विदेशी परिंदों ने दस्तक देनी शुरू कर दी है। जिला की लारजी झील में इन दिनों विदेशी परिंदों ने अपना डेरा जमा लिया है। लारजी जल विद्युत परियोजना की इस झील में रंग-बिरंगे विदेशी परिंदे पहुँच रहे है। विदेशी परिंदों के पहुंचने से स्थानीय लोग भी बेहद खुश हैं। विदेशी परिंदे यहां आने वाले सैलानियों के आकर्षण का भी केंद्र बने हुए हैं।

बता दें कि हर साल अक्तूबर और नवंबर में प्रदेश की झीलों में लाखों विदेशी परिंदे हजारों मील की उड़ान तय कर पहुंचते हैं। पांच-छह महीने गुजारने के बाद गर्म मौसम के शुरू में ही लौट जाते हैं। वन्य प्राणी विभाग के रिटायर्ड अधिकारी जोगिंद्र सिंह ने बताया कि लारजी झील में विदेशी परिंदे पहुंचे है।

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