रिश्वत मामले के दोषी पटवारी व ढाबा संचालक को एक-एक साल की जेल व जुर्माना

HNN News / धर्मशाला

स्पेशल जज धर्मशाला ने रिश्वत के मामले में एक पटवारी और एक अन्य व्यक्ति को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोषियों को एक एक साल की कैद और 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। विजिलेंस की ओर से मामले की पैरवी करने वाले जिला न्यायवादी भुवनेश मन्हास ने बताया कि करीब नौ साल पुराने भ्रष्टाचार के मामले में अदालत ने यह फैसला सुनाया है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में रजियाणा पटवार सर्किल में तैनात तत्कालीन पटवारी अनिल कुमार ने अशोक कुमार नामक व्यक्ति से जमीन का इंतकाल करवाने के लिए 15 हजार रुपये की मांग की थी। इस दौरान उसने तीन हजार अशोक कुमार से ले लिए थे और शेष 12 हजार रुपये लेने की तैयारी थी। इससे पहले अशोक कुमार पटवारी को यह रकम सौंपता, उसने मामले की जानकारी विजिलेंस धर्मशाला को दे दी।

शिकायतकर्ता ने तय वक्त के मुताबिक मौके पर पहुंचकर पटवारी को 12 हजार की रकम देनी चाही तो पटवारी ने साथ ही बैठे ढाबा संचालक राकेश कुमार की ओर इशारा कर रकम उसे देने के लिए कहा। जब राकेश कुमार ने यह रकम ली तो विजिलेंस ने उसे रकम के साथ रंगेहाथ पकड़ा था। आरोपित पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर किया था।

करीब नौ साल तक अदालत में विचाराधीन रहे इस मामले में 14 गवाहों के बयानों के आधार पर पारस डोगर की विशेष अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया और एक-एक साल के कारावास की सजा सुनाई है।

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