लखनऊ में दिखेंगी हिमाचल की ठेठ विधाएं… 12 जनवरी से होगा नेशनल युवा उत्सव का महा आगाज

HNN News नाहन

लगभग 3 वर्षों के बाद हिमाचल प्रदेश 23 वें राष्ट्रीय उत्सव में हिस्सा लेने के लिए लखनऊ जा रहा है। 58 सदस्यों के इस अलग-अलग विधाओं के कलाकारों के दल को उप निदेशक युवा सेवा एवं खेल विभाग हिमाचल प्रदेश सुबोध रमोल के द्वारा शुक्रवार सुबह 12:00 बजे नाहन के चंबा ग्राउंड से रवानगी दी गई।

इस बाबत जानकारी देते हुए उप निदेशक युवा सेवा एवं खेल विभाग हिमाचल प्रदेश सुबोध रमोल ने बताया कि विभाग हर वर्ष ब्लॉक लेवल से राज्य स्तर पर युवा उत्सव का आयोजन करवाता है। उन्होंने बताया कि हाल ही में 27 दिसंबर 2018 को राज्य स्तरीय युवा उत्सव नाहन में ही संपन्न हुआ था। जिसमें विभिन्न विधाओं में चाइनीस किए गए करीब 58 कलाकारों को राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयनित किया गया है।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय युवा उत्सव उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 12 जनवरी से 16 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। यह प्रदेश के लिए बड़े गर्व की बात है कि हमारी संस्कृति के साथ साथ ठेठ अलग-अलग विधाओं को भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा।

इन कलाकारों में एकांकी बांसुरी वादन तबला फोक संगीत हिमाचली वाद्य यंत्रों के साथ प्रदेश की मूल नाटी वा गायन को प्रदर्शित किया जाएगा। बताना जरूरी है कि वर्ष 1995 में हिमाचल प्रदेश में पहली बार कोलकाता में आयोजित हुए राष्ट्रीय युवा उत्सव में कई पदक व ख्याति अर्जित की थी। जिसमें हिमाचली लोकगीत को राष्ट्रीय स्तर पर सबसे ज्यादा पसंद किया गया था।

सुबोध रमोल ने बताया कि प्रदेश सरकार का इन कार्यक्रमों का आयोजन करने का मुख्य उद्देश्य हमारी संस्कृति से जुड़े लोग लोकगीतों, परंपरागत वाद्य यंत्रों, के साथ-साथ हमारे समाज की जो बुनियाद है उन्हें राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंच उपलब्ध हो ऐसे प्रयास रहते हैं।

यहां यह भी बताना जरूरी है कि इतने कम समय में प्रदेश युवा एवं खेल विभाग द्वारा इन 58 विशिष्ट कलाकारों को बिना रेल में रिजर्वेशन मिले दो अलग-अलग बसों का इंतजाम कर लखनऊ भेजा गया है। क्योंकि इतने शॉर्ट टाइम में रेलवे रिजर्वेशन कहीं से भी नहीं उपलब्ध हो रहा था। राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति वह हिस्सेदारी दर्ज करने को लेकर इन कलाकारों में भारी जोश भी नजर आ रहा था।

प्रतियोगिता में हिस्सा लेने जा रहे सा रे गा मा संगीत एकेडमी हमीरपुर के निदेशक अजय डोगरा ने बताया कि वह अपने संस्थान में हिमाचली वाद्य यंत्रों व संगीत को निशुल्क रूप से पढ़ाते हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार खेल विभाग का हिमाचली कला को अभिमान दिलवाने के लिए आभार भी व्यक्त किया है। वही सोलन में म्यूजिक सेंटर चलाने वाले सीताराम शर्मा ने बताया कि उनके संस्थान से 3 प्रतिभागी शास्त्रीय संगीत में हिस्सा लेने जा रहे हैं।

बताया यह भी जा रहा है कि इस बार कुल्लू की नाटी को अपने मूल रूप में राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा। बरहाल पैसा व समय के अभाव के बावजूद प्रदेश युवा एवं खेल विभाग के द्वारा जिस प्रकार प्रदेश की कला को अलग-अलग विधाओं में प्रदर्शित करने का मौका दिलाया गया है निश्चित ही प्रदेश की सांस्कृतिक विरासतें भविष्य में और ज्यादा मजबूत होगी।

इस टीम में छे विभागीय अधिकारी व विभिन्न संस्थानों के संचालक लखनऊ जा रहे हैं। बड़ी बात तो यह है कि निदेशक सुबोध रमोल भी इस दल के साथ रवाना हो रहे हैं।

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