वन भूमि से बिना पेड़ काटे कब्जे हटओ : हाईकोर्ट

HNN News/ शिमला

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को आदेश दिए है कि वह वन भूमि से फिलहाल बिना पौधों को काटे अतिक्रमण हटाए। न्यायाधीश धर्मचंद चैधरी और न्यायाधीश सीबी बारावालिया की खंडपीठ ने अतिक्रमण वाली वन भूमि से कब्जे हटाकर उस भूमि को पक्की रिटेनिंग वाॅल लगाकर बंद करने के आदेश जारी किए है।

इसका सारा खर्च कब्जाधारकों से वसूलने को कहा है। खंड़पीठ ने आदेश जारी कर 30 मार्च से पहले हाईकोर्ट के उन आदेशों की अनुपालना करने को कहा हैै।

जिसके तहत शिमला जिले के जुब्बल व कोटखाई तहसील के बड़े अतिक्रमणकारियों से कब्जे छड़ाने को कहा गया था । कोर्ट ने विशेष जांच दल को आदेश दिए है कि वह कब्जाधारकों को नोटिस जारी करे , कि किस दिन कब्जे वाली भूमि की पहचान करनी हो।

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि अतिक्रमण वाली भूमि से हरे पेड़ों को काटना पर्यावरण के हित में नहीं है। हाईकोर्ट ने एसआइटी द्वारा पिछले आदेश की अनुपालना न करने पर भी खेद जताया। न्यायालय ने राज्य सरकार से अन्य जिलों की अतिक्रमण की स्थिति के बारे में कोर्ट को अवगत करवाने को कहा हैै।

कोर्ट ने इस बाबत सचिव वन को अपना हलफनामा दायरा करने के भी आदेश दिए है। गौरतलब है कि 2014 से हाईकोर्ट के आदेश की अनुपालना में अतिक्रमण वाली सैकड़ों बीद्या भूमि को छुड़ा लिया है।

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